3 वर्ष की असलेहान सुमेर खान ने रखा अपना पहला रोज़ा; क़ादराबाद, जालना में सराहना की चर्चा

जालना/कादरी हुसैन
पवित्र रमज़ान महीने की पृष्ठभूमि में क़ादराबाद, मूर्ति बेस क्षेत्र से एक भावनात्मक और प्रेरणादायक घटना सामने आई है। मात्र 3 वर्ष की असलेहान सुमेर खान ने अपना पहला रोज़ा रखकर परिवार सहित पूरे इलाके का ध्यान आकर्षित किया।
इतनी कम उम्र में रोज़ा रखने के असलेहान सुमेर खान के संकल्प को देखकर परिवारजनों ने उसकी विशेष सराहना की। पूरे दिन उसने संयम, अनुशासन और शांति के साथ रोज़ा निभाया। घर के बुज़ुर्गों ने उसे रमज़ान का महत्व, उपवास के आध्यात्मिक संदेश और सब्र की अहमियत समझाई। बालसुलभ उत्साह के साथ असलिया ने रोज़ा पूरा करने का प्रयास किया, जिससे सभी प्रसन्न हुए।
शाम को इफ्तार के समय परिवार ने असलेहान का छोटा-सा सम्मान किया। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने उसे ढेरों शुभकामनाएँ और प्यार दिया। इस अवसर पर कई लोगों ने कहा कि “कम उम्र में धार्मिक संस्कारों की शुरुआत का यह एक सुंदर उदाहरण है।”
असलेहान खान के पहले रोज़े से क़ादराबाद क्षेत्र में रमज़ान का उत्साह और बढ़ गया है, और यह घटना अनेक लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है।