जालना में जमात-ए-इस्लामी हिंद की अनुकरणीय सेवा — 220 जरूरतमंद परिवारों तक रमज़ान राशन घर-घर पहुँचाया गया

जालना/कादरी हुसैन
जमात-ए-इस्लामी हिंद की जालना इकाई द्वारा वर्षों से चली आ रही सेवा-परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी पवित्र माह रमज़ान की शुरुआत पर 220 जरूरतमंद परिवारों तक एक माह का संपूर्ण राशन उनके घरों तक पहुँचाया गया। इस सेवा का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक सहयोग प्रदान करना तथा उन्हें शांति और एकाग्रता के साथ इबादत करने का अवसर देना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जमात के कार्यकर्ताओं ने जालना शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में विधवाओं, अनाथों तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का सर्वेक्षण किया। जरूरतमंदों की पहचान के बाद राशन की तैयारी और वितरण इस प्रकार किया गया कि किसी की आत्मसम्मान को ठेस न पहुँचे। इसी कारण सामूहिक वितरण के बजाय राशन सीधे घरों तक पहुँचाया गया।
इस सेवा कार्य पर लगभग साढ़े तीन से चार लाख रुपये का व्यय किया गया, जो मुख्यतः जमात के सदस्यों एवं दानदाताओं के सहयोग से एकत्रित हुआ। जिम्मेदारों के अनुसार, इस अभियान में यूथ मूवमेंट के सदस्यों और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने पूर्ण समर्पण के साथ भाग लिया।
इस कार्य में विशेष रूप से लतीफुद्दीन सिद्दीकी साहब, अब्दुल हमीद साहब, समीउद्दीन (यूथ मूवमेंट), वसीम अंसारी सहित अन्य साथियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। स्वयंसेवकों ने पैकिंग, वितरण तथा निगरानी में सक्रिय भूमिका निभाई।
इसके अतिरिक्त, रमज़ान के अंतिम अशरे में लगभग 500 परिवारों तक “शीर खुरमा किट” पहुँचाने की भी योजना है, ताकि ईद-उल-फितर की खुशियों में जरूरतमंद परिवारों को भी शामिल किया जा सके। इस अवसर पर जमात-ए-इस्लामी हिंद जालना के अमीर अब्दुल वहीद ने लोगों से अपील की कि वे अपना सदक़ा-ए-फित्र जमात के बैतुलमाल में जमा करें।
ज़कात सेंटर इंडिया, जालना के अध्यक्ष अब्दुल हफीज़ ने कहा कि जमात-ए-इस्लामी हिंद द्वारा निरंतर की जा रही सामाजिक सेवाएँ समाज में सौहार्द बढ़ाने और कमजोर वर्गों की सम्मानजनक सहायता का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। वहीं अय्यूब खान (मालिक, अक्सा बिल्डर एंड डेवलपर) ने इस पहल को समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया।
इस अवसर पर हाजी मखदूम, ज़िला नाज़िम शाकिर सैयद, मुश्ताक साहब, जमी़ल साहब, आसिफ शेख, शेख इस्माइल, अब्दुल मजीब, शेख सलीम, तौहीद सैयद, मुनव्वर पहलवान तथा शेख असद उपस्थित थे।
