खुलदाबाद में भव्य ईद मिलन; सर्वधर्म एकता का प्रभावी संदेश

प्रतिनिधि/कादरी हुसैन
जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, खुलदाबाद की ओर से आयोजित ईद मिलन कार्यक्रम बेहद भव्य, आकर्षक और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस शानदार आयोजन में शहर के विभिन्न धर्मों के गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक सौहार्द, आपसी प्रेम और राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन जनाब नौशाद खान ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत जनाब अब्दुल लतीफ कासमी के कुरआन पाठ से हुई, जिसका मराठी अनुवाद भी प्रस्तुत किया गया।

स्थानीय अमीर जनाब फैसल शबीबी ने अपने उद्घाटन भाषण में ईद का वास्तविक संदेश बताते हुए भाईचारे और सामाजिक एकता के महत्व पर प्रकाश डाला।
विशेष अतिथि के रूप में भद्रा मारुति मंदिर के अध्यक्ष श्री मिठू बारकर उपस्थित थे। उन्होंने अपने संबोधन में धार्मिक सौहार्द, शांति और आपसी सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया तथा जमाअत के अल-खैर बैतुलमाल की सेवाओं की सराहना की।
इस अवसर पर डॉ. मोनिस खान ने मराठी भाषा में नात प्रस्तुत कर कार्यक्रम में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया।
अध्यक्षीय भाषण में इंजीनियर वाजिद कादरी ने प्रभावशाली विचार रखते हुए कहा कि ईश्वर एक ही है और धर्म का उद्देश्य लोगों को जोड़ना है, न कि तोड़ना। समाज में नफरत और विभाजन फैलाने वाली प्रवृत्तियां शैतानी हैं और मानव को सत्य धर्म अपनाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि धर्म में सुधार के लिए विभिन्न पैगंबर समय-समय पर आए और इस श्रृंखला की अंतिम कड़ी हजरत मोहम्मद पैगंबर हैं, जिन्होंने कुरआन के माध्यम से संपूर्ण मानवता के लिए अंतिम और सार्वभौमिक संदेश दिया।
रोजा इंसान को संयम और आत्मनियंत्रण सिखाता है। प्रेम, सहयोग, शांति और सामाजिक-आध्यात्मिक मूल्यों पर चलकर ही वास्तविक प्रगति संभव है और तभी देश एक महासत्ता बन सकता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्मों का हिसाब ईश्वर के सामने देना होगा, इसलिए सत्य को पहचानकर उस पर अमल करना आवश्यक है।
मान्यवरों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष आमिर पटेल, भद्रा मारुति मंदिर के अध्यक्ष मिठू बारकर, बाबा साहेब पाटील, जर जरीबक्ष दरगाह कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद एजाज अहमद, सुलतान अहमद, शरफुद्दीन रमजानी, मोहम्मद अहमद मोमिन, इसहाक कुरेशी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों के लिए शीर खुरमा परोसकर आतिथ्य किया गया।
विशेष बात यह रही कि इस कार्यक्रम में महिलाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही। यह आयोजन सर्वधर्म एकता, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का उत्कृष्ट उदाहरण साबित हुआ।
