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मुस्लिमों के बाद अब जैन समाज BJP के निशाने पर? सड़कों पर उतरा समाज

भोपाल/जबलपुर – मध्य प्रदेश की राजनीति इन दिनों जैन समुदाय को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं की कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से उबाल पर है। जबलपुर में कथित ऑडियो वायरल होने के बाद जैन समाज सड़कों पर उतर आया है और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस थाने का घेराव किया गया।

वायरल ऑडियो में कथित तौर पर भाजपा की मंडल अध्यक्ष जागृति शुक्ला और उत्तर मध्य विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह की आवाज बताई जा रही है। इस 4 मिनट 40 सेकंड के ऑडियो में जैन समाज की तुलना मुस्लिम समुदाय से की गई और उन्हें भविष्य में “रावण” तक कहने की बात सामने आई है। हालांकि, ‘सत्य हिन्दी’ इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता।

ऑडियो वायरल होने के बाद जैन समाज में भारी आक्रोश है। सैकड़ों लोग बीती रात कोतवाली थाना पहुंचे और नारेबाजी करते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की। जैन पंचायत सभा के अध्यक्ष कैलाश जैन ने कहा, “हम भाजपा से जुड़े रहे हैं, लेकिन अब हमारे समाज को टारगेट किया जा रहा है।”

समाज के अन्य नेता अतुल जैन ने दावा किया कि विवादित ऑडियो विधायक प्रतिनिधि की फेसबुक आईडी से वायरल हुआ, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया।

इस विवाद के बीच भाजपा नेताओं ने अपनी आवाज होने से इनकार किया है। शैलेंद्र सिंह और जागृति शुक्ला ने इसे “तकनीकी शरारत” बताया है और कहा कि ऑडियो फर्जी है।

कांग्रेस ने साधा भाजपा पर निशाना
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा, “नीमच में जैन संतों पर हमला, देवास में विधायक पुत्र का पुजारियों से दुर्व्यवहार और अब जबलपुर में जैन समाज पर टिप्पणी – यह सब दिखाता है कि भाजपा के नेता न जनता से डरते हैं, न कानून से।”

जैन संतों पर हमला और मंदिरों में हंगामा
रविवार रात नीमच जिले के सिंगोली क्षेत्र में जैन संतों पर हमला हुआ, जिसमें दो संत गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, देवास में भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष शुक्ला पर पुजारी से विवाद और धमकाने का आरोप है।

पुलिस ने दी कार्रवाई का आश्वासन
जबलपुर के एएसपी ने बताया कि वायरल ऑडियो की जांच की जा रही है और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जैन समाज से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

मध्य प्रदेश में भाजपा और जैन समाज के बीच बढ़ते इस टकराव ने सत्ताधारी पार्टी के लिए संकट खड़ा कर दिया है, खासतौर पर तब जब जैन समुदाय का बड़ा वर्ग पारंपरिक रूप से भाजपा समर्थक माना जाता रहा है।

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