औरंगाबाद से बड़ी खबर: बी.कॉम परीक्षा से पहले लीक हुआ पेपर, छात्रों के मोबाइल में मिला प्रश्नपत्र

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाडा विश्वविद्यालय के अंतर्गत आयोजित बी.कॉम तृतीय वर्ष की परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना शनिवार (11 तारीख) को खोकडपुरा स्थित एक परीक्षा केंद्र के बाहर उजागर हुई, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, बी.कॉम तृतीय वर्ष के “डायरेक्ट टैक्सेस” विषय की परीक्षा दोपहर 2 से 5 बजे के बीच आयोजित थी। लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही कुछ छात्रों के मोबाइल फोन पर उसी विषय का प्रश्नपत्र पहुंच चुका था। यह बात जैसे ही अन्य छात्रों और अधिकारियों के संज्ञान में आई, विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत हरकत में आया और जांच अभियान शुरू किया गया।
मोबाइल में मिले प्रश्नपत्र के फोटो
जांच के दौरान कई छात्रों के मोबाइल फोन में संदिग्ध मैसेज और प्रश्नपत्र के फोटो पाए गए। इस कार्रवाई में करीब 10 छात्रों के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। अधिकारियों द्वारा अब इन मोबाइल्स की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रश्नपत्र आखिर कहां से और किस माध्यम से लीक हुआ।
QR कोड से पैसे लेकर भेजा जा रहा था पेपर
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे रैकेट में पैसे लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया जा रहा था। छात्रों को पहले QR कोड भेजा जाता था और भुगतान होते ही व्हाट्सएप के जरिए प्रश्नपत्र भेज दिया जाता था। इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र के बाहर इस बात की चर्चा जोरों पर रही।
मात्र 140 रुपये में मिल रहा था पेपर
चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि बी.कॉम तृतीय वर्ष का यह पेपर मात्र 140 रुपये में व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराया जा रहा था। यह खुलासा जांच के दौरान सामने आया है, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
पुलिस में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी
इस मामले को लेकर क्रांति चौक पुलिस थाना में देर रात तक केस दर्ज करने की प्रक्रिया जारी रही। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन मिलकर मामले की जांच कर रहे हैं।
जांच समिति का होगा गठन
परीक्षा एवं मूल्यांकन विभाग के संचालक डॉ. बी.एन. डोळे ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस घटना ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है, वहीं विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
