औरंगाबाद में वक्फ मैदान पर स्टेडियम निर्माण की योजना को झटका, वक्फ बोर्ड ने जारी किया कानूनी नोटिस

औरंगाबाद/द्वारा: कादरी हुसैन
औरंगाबाद के रोशन गेट क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक सूत गिरणी के विशाल वक्फ मैदान पर स्टेडियम निर्माण की कथित योजना को लेकर विवाद गहरा गया है। तहफ्फुज-ए-वक्फ फोरम की लिखित शिकायत के बाद महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड ने विभागीय आयुक्त, महानगरपालिका आयुक्त और जिलाधिकारी को कानूनी नोटिस जारी किया है। बोर्ड ने संबंधित भूमि पर चल रहे कार्य को तत्काल रोकने और प्रस्तावित परियोजना से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभागीय आयुक्त और महानगरपालिका आयुक्त ने संबंधित वक्फ मैदान का दौरा किया था। इसके बाद मैदान की साफ-सफाई कराकर वहां स्टेडियम निर्माण की योजना तैयार किए जाने की बात सामने आई। इस घटनाक्रम के बाद वक्फ संपत्ति के उपयोग और उसकी सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
तहफ्फुज-ए-वक्फ फोरम के संचालक राशेद सिद्दीकी ने 19 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में संबंधित वक्फ भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उस पर प्रस्तावित गतिविधियों की जांच करने की मांग की गई थी।
शिकायत के बाद वक्फ प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की। जिला वक्फ अधिकारी शेख अजीम और उनके सहयोगियों ने 10 सितंबर 2026 को सूत गिरणी परिसर का निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट वक्फ बोर्ड के सियानत विभाग को सौंपी। इसके बाद सियानत विभाग के अधिकारी सोहेल खलील ने मामले से संबंधित दस्तावेज और आवश्यक विवरण बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए।
इन दस्तावेजों के आधार पर वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फय्याज अहमद खान ने 12 अक्टूबर 2026 को विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत, महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे और जिलाधिकारी को कानूनी नोटिस जारी किया।
नोटिस में वक्फ अधिनियम, 1995 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए वक्फ संपत्तियों के उपयोग और उनके संरक्षण से संबंधित कानूनी नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई है। बोर्ड ने संबंधित भूमि पर महानगरपालिका द्वारा किए जा रहे कार्य को गैरकानूनी बताते हुए तत्काल बंद करने को कहा है।
इसके अलावा, स्टेडियम अथवा किसी अन्य परियोजना के निर्माण के संबंध में विभिन्न विभागों को जारी किए गए प्रस्तावों, ठरावों और निर्देशों की प्रतियां तत्काल वक्फ बोर्ड को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड ने यह भी कहा है कि भविष्य में संबंधित वक्फ भूमि पर कोई कार्य करने से पहले आवश्यक पत्राचार किया जाए और नियमानुसार पूर्व अनुमति प्राप्त की जाए।
तहफ्फुज-ए-वक्फ फोरम की शिकायत पर वक्फ बोर्ड की इस कार्रवाई के बाद ऐतिहासिक सूत गिरणी मैदान का मामला महत्वपूर्ण हो गया है। अब संबंधित प्रशासनिक विभागों की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।