जालना में फर्जी HSRP नंबर प्लेट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, चार आरोपी गिरफ्तार

जालना/कादरी हुसैन
जालना जिला पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा ने चोरी की मोटरसाइकिल पर फर्जी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाकर इस्तेमाल करने और बिना अधिकृत अनुमति के ऐसी नंबर प्लेट बनाने के मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में चार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मोटरसाइकिल, नंबर प्लेट बनाने वाली मशीनों और अन्य सामग्री सहित कुल 3 लाख 36 हजार 850 रुपये का माल जब्त किया है। जांच के दौरान वर्ष 2024 में राजूर क्षेत्र से चोरी हुई मोटरसाइकिल का मामला भी उजागर हुआ है।
पुलिस के अनुसार, जिला पुलिस अधीक्षक तेघबीर सिंह संधू ने जिले में मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं का पता लगाने और आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक पंकज जाधव को दिए थे। इसके बाद स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने गुप्त सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की।
फर्जी नंबर प्लेट से हुआ खुलासा
18 अक्टूबर 2026 को मोटरसाइकिल चोरी के मामलों की जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जालना के संजयनगर निवासी शेख राजेक शेख मुबारक (26) अपनी होंडा शाइन मोटरसाइकिल पर फर्जी HSRP नंबर प्लेट लगाकर घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे जालना के भवानीनगर क्षेत्र में पकड़ लिया।
पुलिस ने मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट, इंजन नंबर और चेसिस नंबर की जांच की। इस दौरान नंबर प्लेट पर दर्ज नंबर और मोटरसाइकिल के वास्तविक पहचान संबंधी विवरण में विसंगति सामने आई। इसके बाद पुलिस ने नंबर प्लेट बनाने वाले व्यक्तियों के बारे में पूछताछ की।
पूछताछ में शेख राजेक ने बताया कि जालना स्थित रॉयल रेडियम के संचालक शेख परवेज शेख गणी (36), निवासी शेरसवारनगर, जालना तथा एस.एन. टेक्नोलॉजी, विशाल कॉर्नर के संचालक राहुल पंढरीनाथ मुनेश्वर (40), निवासी सुंदरनगर, चंदनझिरा, जालना ने उसे नंबर प्लेट बनाकर दी थी।
पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने मोटरसाइकिल के दस्तावेजों की जांच किए बिना और HSRP नंबर प्लेट बनाने का अधिकृत लाइसेंस नहीं होने के बावजूद आर्थिक लाभ के लिए नंबर प्लेट बनाने की बात स्वीकार की।
मशीनें और मोटरसाइकिल सहित 3.36 लाख रुपये का माल जब्त
स्थानीय अपराध शाखा ने आरोपियों के कब्जे से HSRP नंबर प्लेट बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, उपकरण, नंबर प्लेट और एक होंडा शाइन मोटरसाइकिल जब्त की। इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ जालना के कदीम पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 602/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
जब्त सामग्री में दो लाख रुपये की मैक्स एप्पल हाइड्रोलिक मशीन, एक लाख रुपये की हीटिंग मशीन, 650 रुपये की गैन्बोन कंपनी की रिवेट मशीन, 1,200 रुपये की छह खाली एल्युमिनियम नंबर प्लेट और 21 होलोग्राम स्टिकर शामिल हैं। इसके अलावा MH21J6571 और MH23AV8036 नंबर वाली प्लेटें तथा 35 हजार रुपये की एक होंडा शाइन मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार, जब्त माल की कुल कीमत 3,36,850 रुपये है।
राजूर से चोरी हुई मोटरसाइकिल का भी खुलासा
फर्जी नंबर प्लेट के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने शेख राजेक से मोटरसाइकिल खरीदने के बारे में पूछताछ की। उसने पुलिस को बताया कि उसने यह मोटरसाइकिल वर्ष 2024 में जालना के नेशनलनगर निवासी सैय्यद अल्ताफ सैय्यद अहमद (24) और एक विधि संघर्षग्रस्त बालक से खरीदी थी।
इसके बाद पुलिस ने सैय्यद अल्ताफ को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि संबंधित मोटरसाइकिल वर्ष 2024 में जालना के राजूर क्षेत्र से चोरी की गई थी। इस संबंध में हसनाबाद पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 148/2024 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 379 के अंतर्गत पहले से मामला दर्ज है।
इस तरह फर्जी HSRP नंबर प्लेट की जांच के दौरान मोटरसाइकिल चोरी का पुराना मामला भी सामने आया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
* शेख राजेक शेख मुबारक (26), निवासी संजयनगर, जालना।
* शेख परवेज शेख गणी (36), निवासी शेरसवारनगर, जालना।
* राहुल पंढरीनाथ मुनेश्वर (40), निवासी सुंदरनगर, चंदनझिरा, जालना।
* सैय्यद अल्ताफ सैय्यद अहमद (24), निवासी नेशनलनगर, जालना।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक तेघबीर सिंह संधू, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. विक्रम साळी और उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी के मार्गदर्शन में की गई।
स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक पंकज जाधव, पुलिस उपनिरीक्षक राजेंद्र वाघ तथा पुलिस कर्मचारियों रमेश राठोड, प्रभाकर वाघ, सागर बाविस्कर, दत्ता वाघुंडे, बाबा गायकवाड, शिवप्रसाद एखंडे, रमेश काळे, वसंत धस, धीरज भोसले, सुनील पवार और अशोक जाधवर ने इस कार्रवाई में भाग लिया।
पुलिस की इस कार्रवाई से चोरी की मोटरसाइकिलों पर फर्जी HSRP नंबर प्लेट लगाकर इस्तेमाल करने और बिना अधिकृत अनुमति के नंबर प्लेट बनाने के मामले का खुलासा हुआ है। साथ ही, वर्ष 2024 में दर्ज मोटरसाइकिल चोरी के मामले की जांच को भी आगे बढ़ाने में मदद मिली है।
