औरंगाबाद में देवी दर्शन के विवाद में दोहरी हत्या, पिता और बेटे की चाकू से वार कर हत्या; पांच आरोपी गिरफ्तार

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
देवी के दर्शन को लेकर शुरू हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। वाळूज औद्योगिक क्षेत्र के रांजणगांव शेणपुंजी में बेटे के साथ हो रही मारपीट को रोकने पहुंचे पिता और भाई पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया। इस हमले में पिता बाबासाहेब रामदास कीर्तिकर (43) और उनके बेटे निहाल (17) की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को रेलवे स्टेशन परिसर से गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कृष्णानगर क्षेत्र में रहने वाले बाबासाहेब कीर्तिकर निजी वाहन चालक के रूप में काम करते थे। उनका बेटा साहिल आधी रात के समय इलाके में स्थापित सार्वजनिक देवी मंडप में दर्शन के लिए गया था। दर्शन करके लौटते समय घर के सामने रुकने की बात को लेकर राजेंद्र गयचंद और उसके बेटे नागेश ने साहिल से विवाद किया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और साहिल के साथ लकड़ी के डंडे से मारपीट की गई।
बेटे की आवाज सुनकर बाबासाहेब कीर्तिकर अपने बेटों निहाल और कुणाल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बीच-बचाव कर विवाद शांत कराने की कोशिश की, लेकिन मामला और बिगड़ गया।
आरोप है कि शानो गयचंद घर से चाकू लेकर आई, जबकि अन्य आरोपियों ने लकड़ी के डंडों और टिकाव जैसे औजार से हमला किया। इसी दौरान नागेश ने बाबासाहेब और निहाल पर चाकू से वार कर दिए। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौत हो गई। हमले में कुणाल और साहिल भी घायल हुए हैं। दोनों का औरंगाबाद के घाटी अस्पताल में उपचार जारी है।
रेलवे स्टेशन परिसर से पांच आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद आरोपियों के हरियाणा की ओर भागने की तैयारी करने की जानकारी पुलिस को मिली। इसके बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन परिसर में कार्रवाई करते हुए राजेंद्र, मनोज, नागेश, मानसी और शानो गयचंद को गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में एमआईडीसी वाळूज पुलिस थाने में अपराध दर्ज किया गया है। अदालत ने आरोपियों को 23 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।