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आधार कार्ड में गलत जानकारी देना पड़ सकता है महंगा, हो सकती है जेल और जुर्माना

नई दिल्ली: देश में आधार कार्ड (Aadhaar Card) एक बेहद जरूरी पहचान दस्तावेज बन चुका है। बैंकिंग, मोबाइल सिम, राशन, और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने जैसे कामों में इसकी आवश्यकता होती है। लेकिन अब भी कई लोग इसके महत्व को नज़रअंदाज़ करते हैं और इसमें गलत जानकारी दे देते हैं, या फिर जानबूझकर इसका गलत उपयोग करते हैं। ऐसा करना अब केवल अनैतिक नहीं बल्कि कानूनन अपराध भी है, जिसमें भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है।

जानबूझकर गलत जानकारी देना अपराध

डायनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति आधार कार्ड में जानबूझकर गलत नाम, जन्मतिथि, पता या मोबाइल नंबर दर्ज करता है, या किसी और की पहचान का दुरुपयोग करके आधार बनवाता है, तो यह अपराध की श्रेणी में आता है। फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए आधार बनवाने की कोशिश या किसी दूसरे व्यक्ति के आधार नंबर या बायोमेट्रिक डाटा का गलत इस्तेमाल करना UIDAI के तहत गंभीर अपराध माना जाता है।

आधार अधिनियम की धारा 38 और 39 के तहत सख्त सजा

आधार अधिनियम की धारा 38 के मुताबिक, अगर कोई धोखाधड़ी की नीयत से किसी और के आधार नंबर या पहचान का दुरुपयोग करता है, तो उस पर ₹10,000 से लेकर ₹1 लाख तक का जुर्माना और तीन साल तक की जेल हो सकती है।

वहीं, धारा 39 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति किसी के आधार डेटा को बिना अनुमति के इकट्ठा करता है या शेयर करता है, तो उस पर भी तीन साल की जेल और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। ये नियम उन एजेंसियों और कंपनियों पर भी लागू होते हैं जो आधार डेटा का गैरकानूनी लेन-देन करते हैं।

कैसे बचें आधार फ्रॉड से?

आधार से जुड़ी धोखाधड़ी से बचने के लिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं:

  • आधार कार्ड में कभी भी झूठी जानकारी न दें।
  • किसी और के दस्तावेज़ों से आधार बनवाने की कोशिश न करें।
  • अपने आधार की जानकारी बिना जरूरत और अनुमति के किसी से साझा न करें।
  • किसी भी फॉर्म या दस्तावेज़ में अपनी जानकारी भरते समय सतर्क रहें।

UIDAI द्वारा जारी इन नियमों और कानूनों को ध्यान में रखते हुए ही आधार कार्ड का उपयोग करें, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की कानूनी परेशानी से बचा जा सके।

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