चंद दौलत के लिए गिरा सिस्टम: निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश पर भ्रष्टाचार, जमीन घोटाले और प्रभाव के दुरुपयोग के गंभीर आरोप

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कैडर के निलंबित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश के खिलाफ एक के बाद एक खुलासे सामने आ रहे हैं, जो यह दर्शाते हैं कि चंद दौलत की खातिर एक अफसर किस हद तक भ्रष्टाचार में लिप्त हो सकता है। वर्ष 2012 से 2014 तक बरेली के जिलाधिकारी रहते हुए अभिषेक प्रकाश पर स्लॉटर हाउस से लेकर प्राइवेट टाउनशिप निर्माण और भू-घोटालों तक में गहरी संलिप्तता के आरोप लगे हैं।
बरेली में डीएम रहते लगाए सरकारी खजाने को चूना
बताया जा रहा है कि बरेली-लखनऊ हाईवे पर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की निजी टाउनशिप बसाई गई, जिसमें कम स्टांप ड्यूटी लगवाकर सरकार को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। आरोप है कि इस परियोजना में अभिषेक प्रकाश की निजी पूंजी भी लगी थी और उन्होंने पद का दुरुपयोग कर भू-उपयोग परिवर्तन में भी बिल्डर को लाभ पहुंचाया।
बलिया सांसद ने की केंद्र से शिकायत
साल 2021 में बलिया के तत्कालीन सांसद वीरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को एक शिकायत भेजकर अभिषेक प्रकाश के भ्रष्टाचार की विस्तृत जानकारी दी थी। आरोप लगाया गया कि उन्होंने 400 बीघा विवादित जमीन खरीदी और उस पर अवैध टाउनशिप बसाई। यह मामला आज भी लंबित है और विभिन्न जांच एजेंसियों के पास पेंडिंग पड़ा है।
करीबी निकांत जैन पर धोखाधड़ी का मुकदमा
अभिषेक प्रकाश के करीबी माने जाने वाले निकांत जैन पर भी धोखाधड़ी और जमीन हड़पने
