पेट्रोल में इथेनॉल से बढ़ीं वाहन चालकों की मुश्किलें! इंजन खराबी और माइलेज घटने की शिकायतें बढ़ीं

औरंगाबाद | खासदार टाइम्स वृत्तसेवा
इन दिनों सड़कों पर दौड़ रहे दोपहिया और चारपहिया वाहनों में पेट्रोल के साथ इथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग किया जा रहा है। हालांकि, इस ईंधन के कारण वाहनों के इंजन में तकनीकी खराबी आने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। खासकर पुराने दोपहिया वाहन स्टार्ट होने में दिक्कत कर रहे हैं या बिल्कुल स्टार्ट नहीं हो रहे। वहीं कई वाहन चालकों ने माइलेज में भी कमी आने की शिकायत की है।
गेराज में हर 10 में से 3 से 4 वाहन इसी समस्या के
औरंगाबाद टू-व्हीलर मैकेनिकल एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष सैय्यद चांद के अनुसार, उनके गेराज में प्रतिदिन औसतन 10 दोपहिया वाहन मरम्मत के लिए आते हैं, जिनमें से 3 से 4 वाहनों में स्टार्ट न होना या चलते-चलते बंद हो जाने जैसी समान समस्याएं सामने आती हैं।
उन्होंने बताया कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण इंजन की फ्यूल सिस्टम में तकनीकी बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। यदि इंधन में मौजूद इथेनॉल का पानी से संपर्क हो जाए तो इंजन के भीतर फफूंद जैसी परत बनने लगती है, जिससे फ्यूल इंजेक्टर और फ्यूल पंप चोक हो जाते हैं। नई बाइक की वॉशिंग के दौरान यदि पानी पेट्रोल टैंक में चला जाए तो भी यही समस्या उत्पन्न हो सकती है।
समस्या आने पर क्या करें?
मैकेनिक मुन्नाभाई के अनुसार, वाहनों की नियमित सर्विस और देखभाल बेहद जरूरी है। यदि वाहन बंद पड़ जाए तो फ्यूल फिल्टर बदलना और पूरी फ्यूल सिस्टम की अच्छी तरह सफाई कराना सबसे प्रभावी उपाय है।
कारों में फिलहाल शिकायतें कम
कार गेराज संचालक आदिरथ कन्नडकर का कहना है कि फिलहाल इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण कारों में ऐसी समस्याएं देखने को नहीं मिली हैं। हालांकि भविष्य में स्थिति क्या होगी, यह कहना अभी संभव नहीं है।
वाहन चालकों को हो रही प्रमुख समस्याएं
- चलते-चलते वाहन बंद हो जाना।
- इंजन स्टार्ट होने में अधिक समय लगना।
- वाहनों के माइलेज में कमी आना।
पेट्रोल पंपों पर जारी की गई सलाह
पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने ग्राहकों के लिए लिखित सूचना जारी कर सावधानी बरतने की अपील की है।
- इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल यदि थोड़ी मात्रा में भी पानी के संपर्क में आता है तो उसके रासायनिक गुणों में बदलाव हो सकता है, जिससे ईंधन की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
- वाहन धोते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पेट्रोल टैंक में पानी की एक भी बूंद न जाने पाए, अन्यथा इंजन संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।