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पुलिस भर्ती में अधिक अंक दिलाने का झांसा देकर महिला का यौन शोषण करने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर PSI और कॉन्स्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज

बारामती | प्रतिनिधि 

महाराष्ट्र के बारामती तालुका में पुलिस भर्ती और बैंड्समैन भर्ती परीक्षा में अधिक अंक दिलाने का झांसा देकर एक महिला के कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश के बाद राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) के पुलिस उपनिरीक्षक (पीएसआई) अमरनाथ कुंभार और मुंबई बैंड पुलिस दल के कॉन्स्टेबल मारुति करे के खिलाफ बारामती ग्रामीण पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमरनाथ कुंभार दौंड स्थित राज्य रिजर्व पुलिस बल में पुलिस उपनिरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि मारुति करे मुंबई बैंड पुलिस दल में कॉन्स्टेबल हैं। शिकायत के अनुसार दोनों आरोपियों ने पुलिस भर्ती प्रक्रिया में मदद करने और अधिक अंक दिलाने का भरोसा देकर महिला का विश्वास जीता और बाद में उसके साथ यौन शोषण किया।

पीड़िता का आरोप है कि उसने सबसे पहले पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए, जिसके बाद बारामती ग्रामीण पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उसने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने धरना आंदोलन करेगी।

पीड़िता के अनुसार, वह वर्ष 2022 से पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही थी। वर्ष 2024-25 में बैंड्समैन भर्ती की जानकारी मिलने पर उसने आवेदन किया। इसी दौरान एक परिचित के माध्यम से उसकी मुलाकात कॉन्स्टेबल मारुति करे से हुई और उसने उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेना शुरू किया।

शिकायत के अनुसार, प्रशिक्षण के दौरान उसकी मुलाकात पुलिस उपनिरीक्षक अमरनाथ कुंभार से कराई गई। कुछ दिनों बाद दोनों ने भर्ती प्रक्रिया के नाम पर उसे मिलने के लिए बुलाया। महिला का आरोप है कि उसे एक फ्लैट में ले जाया गया, जहां कॉन्स्टेबल किसी बहाने बाहर चले गए और पुलिस उपनिरीक्षक ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि उसे पानी पिलाने के बाद चक्कर आने लगे और घटना के बाद दोनों आरोपियों ने उसे भर्ती में असफल कराने की धमकी देकर किसी को भी घटना की जानकारी न देने के लिए दबाव बनाया।

पीड़िता का कहना है कि वह 8 अप्रैल 2026 से लगातार पुलिस अधिकारियों के पास न्याय की गुहार लगाती रही, लेकिन उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई। अंततः न्यायालय के आदेश के बाद 5 जुलाई को मामला दर्ज किया गया, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है।

पीड़िता ने यह भी आशंका जताई है कि दोनों आरोपी पुलिस विभाग में कार्यरत होने के कारण उन्हें संरक्षण मिल रहा है और गिरफ्तारी में देरी से साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की संभावना बढ़ सकती है। फिलहाल बारामती ग्रामीण पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नोट: यह समाचार दर्ज शिकायत और पुलिस में दर्ज मामले पर आधारित है। आरोपों की जांच जारी है और आरोपियों का पक्ष या न्यायालय का अंतिम निर्णय आना शेष है।

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