महाराष्ट्र में दो सप्ताह तक कमजोर रह सकता है मानसून, 23 जुलाई तक सामान्य से कम बारिश के आसार

मुंबई। प्रतिनिधि
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को पूरे देश में मानसून के सक्रिय होने की घोषणा की है। हालांकि महाराष्ट्र के लिए जारी ताजा पूर्वानुमान में अगले दो सप्ताह तक अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की रफ्तार धीमी रहने की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से कोंकण क्षेत्र में 23 जुलाई तक सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान है।
आईएमडी के दो सप्ताह के पूर्वानुमान के अनुसार 23 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में केवल हल्की बारिश होने की संभावना है। इस अवधि में बारिश सामान्य से काफी कम रह सकती है। वहीं 23 से 30 जुलाई के बीच दक्षिण कोंकण के कुछ इलाकों में वर्षा की तीव्रता बढ़ने के संकेत मिले हैं, हालांकि इस संबंध में स्पष्ट स्थिति 16 जुलाई के बाद सामने आएगी।
मौसम विभाग के अनुसार 9 से 16 जुलाई के बीच विदर्भ के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है, जबकि 16 से 23 जुलाई के दौरान उत्तर मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में औसत से थोड़ी अधिक वर्षा होने की संभावना है। वहीं कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 13 जुलाई तक हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
बारिश कम होने के साथ ही कोंकण क्षेत्र में तापमान में भी वृद्धि दर्ज की गई है। अलीबाग में अधिकतम तापमान सामान्य से 2.9 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। मुंबई में भी तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। कुलाबा में 30.5 डिग्री और सांताक्रूज़ में 31.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
वसई-विरार रेल मार्ग पर जलभराव रोकने के लिए पटरियां होंगी ऊंची
हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण वसई-विरार रेलखंड पर जलभराव होने से मुंबई उपनगरीय रेल सेवा और लंबी दूरी की कई ट्रेनें प्रभावित हुई थीं। लगातार तीन दिनों तक पश्चिम रेलवे की लोकल सेवाएं पूरी तरह बाधित रहीं। नालासोपारा स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पानी में डूब जाने से चर्चगेट-विरार मार्ग पर रेल संचालन प्रभावित हुआ और लोकल सेवाएं केवल चर्चगेट-वसई रोड के बीच ही संचालित की गईं।
स्थिति को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने नालासोपारा क्षेत्र में जलभराव रोकने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजना तैयार की है। पहले चरण में रेलवे पटरियों की ऊंचाई 50 मिलीमीटर बढ़ाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में इसे कुल 400 मिलीमीटर तक ऊंचा करने की योजना है। दूसरे चरण में प्लेटफॉर्म, शेड, ओवरहेड वायर और अन्य रेलवे ढांचे में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए जाएंगे।
पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पांडे ने हाल ही में प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। रेलवे का लक्ष्य जुलाई के अंत तक पहले चरण का कार्य पूरा करना है, जबकि दूसरे चरण की परियोजना में अधिक समय लगने की संभावना जताई गई है।
पश्चिम रेलवे ने दावा किया है कि मानसून पूर्व तैयारियों के तहत माटुंगा रोड स्टेशन पर पहले ही पटरियों की ऊंचाई बढ़ा दी गई थी, जिसका लाभ इस वर्ष की भारी बारिश के दौरान देखने को मिला।