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जरांगे पाटील ने कलेक्टर अशीमा मित्तल से कहा- ‘आप फांसी लेने की भाषा मत बोलिए, सरकार आपको बेवजह आगे कर रही है’

जालना | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा 

मराठा समाज को आरक्षण देने की मांग को लेकर जालना जिले के अंतरवाली सराटी में अनशन पर बैठे मनोज जरांगे पाटील को मनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत मंगलवार रात जालना की जिलाधिकारी अशीमा मित्तल मनोज जरांगे पाटील से मुलाकात करने पहुंचीं।

इस दौरान अशीमा मित्तल ने मनोज जरांगे पाटील को मराठा आरक्षण के संबंध में राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। इस पर जरांगे पाटील कुछ नाराज नजर आए। उन्होंने सवाल किया, “क्या आपको सरकार का पक्ष लेना है?” इस पर अशीमा मित्तल ने कहा कि “यह मेरा काम ही है।”

इसके बाद मनोज जरांगे पाटील ने सरकार की भूमिका पर निशाना साधते हुए कहा कि “सरकार की वजह से अच्छे-अच्छे लोगों के सामने फांसी लेने की नौबत आ गई है।” जरांगे लगातार इस मुद्दे को लेकर सरकार और जनप्रतिनिधियों की आलोचना कर रहे थे। हालांकि, उनके बयान का रुख अपनी ओर समझते हुए अशीमा मित्तल ने कहा, “मनोजजी, नौकरी करते समय फांसी लेने की नौबत आ गई तो भी मेरी तैयारी है।”

इस पर मनोज जरांगे पाटील ने उन्हें तुरंत रोकते हुए कहा, “आप जिलाधिकारी हैं, आप फांसी लेने की भाषा मत बोलिए। अगर यह एक सवाल हल नहीं हुआ तो आपकी काफी आलोचना होगी। यह आपका काम नहीं है, यह बात आपके ध्यान में क्यों नहीं आती? आप इस मामले में क्यों पड़ रही हैं?”

‘आप अपनी एनर्जी बर्बाद मत कीजिए’

मनोज जरांगे पाटील ने जिलाधिकारी अशीमा मित्तल की शिक्षा और क्षमता की तारीफ करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “आप पढ़ाई करके इस पद तक पहुंची हैं। सरकार में चौथी कक्षा तक पढ़े हुए लोग मंत्री बने हुए हैं। वही लोग आपको सिखा रहे हैं और यहां भेज रहे हैं। आपने दिन-रात पढ़ाई करके यह पद हासिल किया है। आपकी UPSC और MPSC की किताबें भी इनमें से कुछ मंत्री नहीं पढ़ पाएंगे। आप अपनी एनर्जी बर्बाद मत कीजिए, यहां से जाइए।”

‘ये सभी मांगें राज्य स्तर की हैं’

मनोज जरांगे पाटील ने जिलाधिकारी अशीमा मित्तल से इस मामले में आगे हस्तक्षेप नहीं करने को कहा। उन्होंने कहा, “कलेक्टर मैडम, आप आईं, लेकिन ये बातें आपके स्तर की नहीं हैं। ये सभी मांगें राज्य स्तर की हैं। सरकार आपको बेवजह आगे कर रही है। इन मांगों से आपका सीधा संबंध नहीं है, इसलिए अपनी एनर्जी बर्बाद मत कीजिए।”

जरांगे पाटील ने आगे कहा, “मैं आपका सम्मान करता हूं, लेकिन मैं आपकी बात नहीं मानूंगा। इसके बाद आप यहां मत आइए।”

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