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खान एजाज़ अहमद द्वारा पत्रकार सुरक्षा के लिए देशभर के संगठनों से एकजुट होने की अपील

पुणे में पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद कानूनी और संगठित पहल की जरूरत पर दिया जोर

पुणे • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा 

पुणे में रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों के साथ हुई कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना को गंभीरता से लेते हुए खान एजाज़ अहमद ने पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के मुद्दे पर देशभर के पत्रकार संगठनों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की है।

खान एजाज़ अहमद ने कहा कि पत्रकारों के साथ होने वाली घटनाओं को केवल तत्काल विरोध या बयान तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। ऐसे मामलों में शिकायत दर्ज कराने से लेकर जांच, कानूनी कार्रवाई और मामले के अंतिम परिणाम तक व्यवस्थित तरीके से पैरवी और अनुसरण किया जाना जरूरी है।

उन्होंने Voice of Media, VOM International Forum सहित देशभर के पत्रकार संगठनों, प्रेस क्लबों, पत्रकार संघों और मीडिया संस्थाओं से अपील की कि पत्रकार सुरक्षा के लिए शांतिपूर्ण, संवैधानिक और कानूनी तरीके से सामूहिक प्रयास किए जाएं।

खान एजाज़ अहमद ने कहा कि पत्रकार का दायित्व घटनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाना और जनहित से जुड़े सवालों को सामने रखना है। किसी खबर या सवाल से किसी व्यक्ति, संस्था या संगठन को असहमति हो सकती है, लेकिन उसका समाधान कानूनी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।

उन्होंने पत्रकार संगठनों से कहा कि किसी भी पत्रकार के साथ घटना होने पर फोटो, वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य संबंधित प्रमाण सुरक्षित किए जाएं। संबंधित पुलिस और प्रशासन को लिखित शिकायत दी जाए तथा जरूरत पड़ने पर पत्रकार को कानूनी सहायता और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी घटना की जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी घोषित करने के बजाय तथ्यों और आधिकारिक जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए।

“एक पत्रकार को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए”

खान एजाज़ अहमद ने कहा कि किसी पत्रकार के साथ घटना होने पर उसे अकेला छोड़ देना पूरे पत्रकार समुदाय को कमजोर करता है। पत्रकार संगठनों के बीच अलग-अलग विचार और मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पत्रकारों की सुरक्षा जैसे साझा मुद्दे पर आपसी सहयोग और एकजुटता जरूरी है।

उन्होंने पत्रकारों के लिए एक व्यवस्थित Legal Support Network विकसित करने की दिशा में काम करने की अपील भी की, ताकि जरूरत पड़ने पर पत्रकारों को उनके कानूनी अधिकारों, शिकायत प्रक्रिया और उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी मिल सके।

पत्रकार सुरक्षा समाज और लोकतंत्र से जुड़ा मुद्दा

खान एजाज़ अहमद ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा केवल पत्रकार समुदाय का मुद्दा नहीं है। जब पत्रकार सुरक्षित वातावरण में काम करता है, तभी जनता की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को निर्भीकता से सामने लाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पुणे में हुई घटना को केवल एक स्थानीय मामले तक सीमित न रखते हुए पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर व्यापक स्तर पर ठोस व्यवस्था और प्रभावी उपायों पर विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी खबर पर आपत्ति हो तो उसका जवाब दिया जा सकता है, सवाल का जवाब सवाल से दिया जा सकता है और किसी शिकायत के लिए कानूनी रास्ता अपनाया जा सकता है, लेकिन हिंसा किसी विवाद का समाधान नहीं हो सकती।

देशभर के पत्रकार संगठनों से एकजुट होने की अपील

खान एजाज़ अहमद ने Voice of Media, VOM International Forum सहित सभी पत्रकार संगठनों, प्रेस क्लबों, पत्रकार संघों और मीडिया संस्थाओं से पत्रकार सुरक्षा, स्वतंत्र पत्रकारिता और कानून के शासन के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए केवल बयान जारी करना पर्याप्त नहीं है। जरूरत इस बात की है कि प्रत्येक मामले में शिकायत से लेकर जांच और कानूनी कार्रवाई तक प्रभावी तरीके से आवाज उठाई जाए और पत्रकारों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

खान एजाज़ अहमद
CMBC Director | Khasdar Times Chief Editor
Social Worker | Lok Sabha Candidate

खासदार टाईम्स — सच के साथ, सब के साथ!

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