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पत्रकार अब्दुल कय्युम अब्दुल रशीद के निधन पर खान एजाज़ अहमद ने अर्पित की भावपूर्ण श्रद्धांजलि

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा 

साप्ताहिक ‘औरंगाबाद युवा’ के मालिक एवं संपादक तथा व्हाईस ऑफ मीडिया साप्ताहिक विंग के अध्यक्ष अब्दुल कय्युम अब्दुल रशीद के निधन से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन पर पत्रकारों, संपादकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और उनके सहयोगियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

अब्दुल कय्युम अब्दुल रशीद ने साप्ताहिक ‘औरंगाबाद युवा’ के माध्यम से आम नागरिकों के प्रश्नों, सामाजिक समस्याओं और विभिन्न नागरिक मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाया। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने हमेशा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दी और अपनी लेखनी के माध्यम से समाज की समस्याओं को सामने लाने का कार्य किया।

पत्रकारिता के साथ-साथ वे संगठनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे। व्हाईस ऑफ मीडिया साप्ताहिक विंग के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने साप्ताहिक समाचार पत्रों के मालिकों, संपादकों और पत्रकारों के विभिन्न मुद्दों के लिए निरंतर आवाज उठाई। छोटे और मध्यम समाचार पत्रों के सामने आने वाली समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण प्रयास किए।

अब्दुल कय्युम अब्दुल रशीद के निधन पर प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता, मुख्य संपादक ‘खासदार टाईम्स’ तथा CMBC प्लेटफार्म के डायरेक्टर खान एजाज़ अहमद ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। खान एजाज़ अहमद ने कहा कि अब्दुल कय्युम अब्दुल रशीद का निधन पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। वे एक सक्रिय पत्रकार, कुशल संगठनकर्ता और अपने सहकर्मियों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने वाले व्यक्तित्व थे। पत्रकारिता और समाजहित के क्षेत्र में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

उनके निधन का समाचार मिलते ही पत्रकारिता, सामाजिक क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों ने शोक व्यक्त किया। पत्रकारिता जगत ने एक सक्रिय पत्रकार, संगठनकर्ता और सहयोगी को खो दिया है। उनके पीछे परिवार, रिश्तेदारों और बड़ी संख्या में मित्रों का परिवार है।

अब्दुल कय्युम अब्दुल रशीद के निधन से पत्रकारिता एवं पत्रकार संगठनात्मक क्षेत्र को बड़ी क्षति हुई है। जनहित के मुद्दों को उठाने और पत्रकारों के अधिकारों के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य तथा उनकी स्मृतियां हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेंगी।

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