जालना मनपा में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, दो अधिकारी निलंबित
घंटागाड़ियों की मरम्मत, ई-घंटागाड़ी खरीद, वाहन नीलामी, डीजल रिकॉर्ड और गणेश विसर्जन व्यवस्था में कथित लापरवाही के मामलों में विभागीय जांच के आदेश

जालना/कादरी हुसैन
जालना महानगरपालिका प्रशासन ने कार्यालयीन कार्यों में प्रथमदृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य में हयगय और नागरिक सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में देरी को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक अंजली शर्मा ने विद्युत अभियंता एवं वाहन शाखाप्रमुख अशोक उत्तम कटारे तथा वाहन विभाग के प्रभारी लिपिक एवं प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक सचिन ढवळे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
दोनों अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू करने तथा आरोपपत्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक आदेशों के अनुसार, कार्रवाई का संबंध घंटागाड़ियों की मरम्मत एवं रखरखाव, छोटी इलेक्ट्रिक घंटागाड़ियों की खरीद और निविदा प्रक्रिया, अनुपयोगी वाहनों की नीलामी, डीजल एवं ईंधन संबंधी रिकॉर्ड तथा गणेश विसर्जन के दौरान आवश्यक क्रेन, वाहन और मशीनरी की व्यवस्था में कथित देरी से है।
ई-घंटागाड़ी खरीद प्रक्रिया में देरी
महानगरपालिका के अनुसार, छोटी इलेक्ट्रिक घंटागाड़ियों की खरीद से संबंधित फाइलों और निविदा प्रक्रिया को अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ाया गया। आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया और दस्तावेजी कार्रवाई में देरी के कारण नागरिक सेवाओं पर असर पड़ने की बात सामने आई है। घंटागाड़ियों की मरम्मत एवं रखरखाव से जुड़े मामलों की भी विभागीय जांच की जाएगी।
गणेश विसर्जन व्यवस्था में लापरवाही का आरोप
गणेश विसर्जन के दौरान आवश्यक क्रेन, वाहन और अन्य मशीनरी की समय पर व्यवस्था नहीं किए जाने के मामले को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। संबंधित प्रस्तावों और फाइलों को समय पर प्रस्तुत नहीं करने तथा आवश्यक कार्रवाई में देरी के आरोपों की जांच की जाएगी।
वाहन नीलामी और ईंधन रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
महानगरपालिका के अनुपयोगी वाहनों की नीलामी प्रक्रिया में कथित देरी के साथ डीजल बिल, ईंधन उपयोग, वाहन लॉगबुक और अन्य कार्यालयीन अभिलेखों की भी जांच होगी। प्रशासन ने संबंधित फाइलें, बिल, लॉगबुक, निविदा एवं नीलामी दस्तावेज तथा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और नामित अधिकारियों को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
‘राजनीतिक दबाव’ के दावे की भी होगी पड़ताल
विद्युत अभियंता अशोक कटारे द्वारा कुछ कार्यों में हुई देरी के संबंध में बताए गए ‘राजनीतिक दबाव’ के दावे को भी विभागीय जांच के दायरे में रखा गया है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी व्यक्ति अथवा राजनीतिक पदाधिकारी के विरुद्ध कोई निष्कर्ष दर्ज नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।
आर्थिक गड़बड़ी का अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं
डीजल बिल, ईंधन रिकॉर्ड अथवा अन्य अभिलेखों में सामने आए मामलों की जांच प्रस्तावित होने के बावजूद महानगरपालिका प्रशासन ने अभी किसी आर्थिक गड़बड़ी, गबन या आर्थिक अनियमितता का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है। इन आरोपों की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
दोनों अधिकारियों से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां वापस
निलंबन के साथ अशोक कटारे से वाहन शाखाप्रमुख का अतिरिक्त कार्यभार वापस ले लिया गया है। वहीं सचिन ढवळे से प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक और वाहन विभाग से संबंधित जिम्मेदारियां वापस ली गई हैं।
दोनों अधिकारियों को संबंधित फाइलें, रजिस्टर, निविदा दस्तावेज, वाहन रिकॉर्ड, डीजल एवं ईंधन संबंधी अभिलेख, बिल, लॉगबुक और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड नामित अधिकारियों को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय जांच के बाद स्पष्ट होगी आगे की कार्रवाई
महानगरपालिका प्रशासन ने दोनों अधिकारियों के विरुद्ध आरोपपत्र तैयार कर विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अशोक कटारे के संबंध में 24 सितंबर 2026 को जारी निलंबन आदेश में विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है। सचिन ढवळे के विरुद्ध भी कार्यालयीन लापरवाही और कर्तव्य में हयगय से जुड़े मामलों की स्वतंत्र विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।
निलंबन अवधि में जालना रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों का मुख्यालय जालना निर्धारित किया गया है। सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना उन्हें मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
महानगरपालिका प्रशासन के अनुसार, निलंबन को अंतिम दंड या दोषसिद्धि नहीं माना जाएगा। यह प्रथमदृष्टया सामने आए मामलों की निष्पक्ष विभागीय जांच पूरी होने तक की गई अंतरिम प्रशासनिक कार्रवाई है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति और दोनों अधिकारियों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
