नांदेड में दिल दहला देने वाला दहेज हत्या मामला: शादी के 12वें दिन नवविवाहिता को जबरन ज़हर पिलाकर मार डाला

नांदेड– राज्य में लगातार सामने आ रहे दहेज हत्या के मामलों के बीच नांदेड जिले के मुखेड़ तालुका स्थित राठोड़वाड़ी गांव से एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 18 वर्षीय नवविवाहिता को शादी के महज 12 दिन बाद दहेज के लिए जबरन ज़हर पिलाकर मार डाला गया।
मृतका का नाम ताऊबाई सुधाकर राठोड़ है, जिसकी शादी 2 जुलाई को राठोड़वाड़ी (अखरगा) निवासी सुधाकर राठोड़ से हुई थी। शादी के समय लड़की के पिता वामन चव्हाण (वसूर तांडा) ने 5 लाख रुपये नकद, एक तोले की अंगूठी और दो तोले का लॉकेट दहेज स्वरूप दिया था। लेकिन ससुरालवालों ने वादा किया हुआ 1 लाख रुपये और तीन तोले सोना पूरा न होने पर विवाह के दूसरे दिन से ही ताऊबाई को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
सुधाकर ने ताऊबाई से कहा था कि वह बचे हुए एक लाख रुपये लेकर आए ताकि वह दूध डेयरी शुरू कर सके। लेकिन ताऊबाई बिना पैसे लिए 9 जुलाई को फिर से ससुराल लौट गई।
10 जुलाई की सुबह 7 बजे अचानक ताऊबाई को उल्टियाँ शुरू हो गईं। जब इसकी सूचना लड़की के पिता को दी गई, तो उन्होंने तुरंत मुखेड़ पहुंचकर उसे प्राथमिक उपचार के लिए नांदेड और फिर हैदराबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान 13 जुलाई की शाम को उसकी मौत हो गई।
मृत्यु से पहले 12 जुलाई को ताऊबाई ने अपने बयान में बताया कि उसे जबरन ज़हर पिलाया गया था। उसने आरोप लगाया कि उसके पति, ससुर, सास और देवर ने मिलकर दहेज में एक लाख रुपये न लाने के कारण उस पर ज़हर देने का दबाव बनाया और जबरन ज़हर पिलाया।
इस मामले में पीड़िता के पिता वामन चव्हाण की शिकायत पर मुखेड़ पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी पति सुधाकर राठोड़ को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक और उनकी टीम द्वारा की जा रही है।
यह घटना राज्य में बढ़ते दहेज उत्पीड़न और हत्याओं पर एक और गंभीर सवाल खड़ा करती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई के लिए सामने आएं और चुप न रहें।
