अपहृत नाबालिग लड़की को मात्र 24 घंटे में बरामद; चंदनझिरा पुलिस की त्वरित कार्रवाई
चंदनझिरा पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर ढूंढकर आरोपी सहित अपने कब्जे में लेने में सफलता हासिल की

जालना/कादरी हुसैन
विस्तृत जानकारी के अनुसार, दिनांक 05/04/2026 को 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को घर पर छोड़कर उसके माता-पिता मजदूरी के लिए बाहर गए थे। इसी अवसर का फायदा उठाकर आरोपी सुनील विजय अंभोरे (उम्र 22 वर्ष, निवासी भागडे सावरगांव, जिला जालना) ने लड़की को बहला-फुसलाकर उसका अपहरण कर लिया और अपने साथ भगा ले गया। लड़की के माता-पिता और परिजनों ने दो दिन तक उसकी काफी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद 06/04/2026 को दोपहर में उन्होंने चंदनझिरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया। इस मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक स्नेहा करेवाड को सौंपी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस निरीक्षक बालासाहेब पवार के निर्देश पर जांच अधिकारी ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। गोपनीय सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर पता चला कि आरोपी नाबालिग लड़की को लेकर करमाला थाना क्षेत्र के कोंडीज, जिला सोलापुर में छिपा हुआ है। प्राप्त जानकारी के आधार पर स्नेहा करेवाड अपनी टीम के साथ करमाला पहुंचे और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को नाबालिग लड़की सहित पकड़ लिया। दोनों को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आज तड़के चंदनझिरा पुलिस थाने लाया गया। नाबालिग लड़की से पूछताछ के बाद आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
नाबालिग लड़की के अपहरण से भयभीत हुए उसके मजदूर माता-पिता ने पुलिस द्वारा 24 घंटे के भीतर बेटी को सकुशल बरामद किए जाने पर संतोष व्यक्त किया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी के मार्गदर्शन में चंदनझिरा पुलिस थाना के पुलिस निरीक्षक बालासाहेब पवार, सहायक पुलिस निरीक्षक स्नेहा करेवाड, सहायक उपनिरीक्षक कृष्णा शिंदे, हेड कॉन्स्टेबल जोहरसिंह कलाणी, महिला हेड कॉन्स्टेबल रेश्मा गुरुम, स्थानीय अपराध शाखा जालना के सागर बावस्कर तथा करमाला पुलिस के सहयोग से संपन्न हुई।
