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औरंगाबाद से दिल दहला देने वाली घटना: मामूली बात पर पति की हैवानियत, 25 वर्षीय विवाहिता ने फांसी लगाकर दी जान

औरंगाबाद/प्रतिनिधि 

शहर के भावसिंगपुरा इलाके की श्रावस्ती कॉलोनी से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। खाने में बाल मिलने जैसी मामूली बात को लेकर पति द्वारा की गई अमानवीय पिटाई और ससुराल में लगातार हो रहे मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न से तंग आकर 25 वर्षीय विवाहिता ने आत्महत्या कर ली। इस मामले में छावनी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति समेत ससुराल के कुल सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

मृतका की पहचान ईश्वरी अजय बनकर (उम्र 25 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें अजय बनकर (पति), दिनेश बनकर, दिलीप बनकर, चंद्रमणी बनकर, छाया बनकर, आशिष बनकर और गणेश बनकर शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, ईश्वरी और अजय का विवाह 28 जून 2020 को धूमधाम से संपन्न हुआ था। शादी के दौरान लड़की के परिवार ने करीब 5 तोला सोना, 2 लाख रुपये नकद और घरेलू सामान दिया था। इसके बावजूद आरोपी पति अजय अपनी पत्नी पर मायके से और पैसे लाने का दबाव बना रहा था, ताकि वह अपने नाम पर लिए गए प्लॉट की किस्तें चुका सके। इसी बात को लेकर वह अक्सर ईश्वरी के साथ मारपीट करता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था।

घटना 6 अप्रैल की रात की है, जब अजय खाना खाने बैठा और सब्जी में बाल मिलने पर वह आगबबूला हो गया। गुस्से में उसने ईश्वरी की बेरहमी से पिटाई की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इतना ही नहीं, अगले दिन 7 अप्रैल की सुबह भी उसने झगड़ा जारी रखा और पत्नी पर तरह-तरह के आरोप लगाकर उसे प्रताड़ित किया। ससुराल के अन्य सदस्य भी उसे लगातार ताने मारते थे और मानसिक दबाव बनाते थे।

लगातार हो रहे अत्याचार और अपमान से टूट चुकी ईश्वरी ने आखिरकार यह खौफनाक कदम उठाया और अपने ही घर में फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया।

जैसे ही इस घटना की खबर मृतका के मायके वालों को मिली, वे औरंगाबाद के घाटी अस्पताल पहुंचे और वहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने साफ कहा कि जब तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, वे शव को अपने कब्जे में नहीं लेंगे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए छावनी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया और सातों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। दहेज और लालच की आग में एक और मासूम जिंदगी बुझ जाने से लोगों में भारी आक्रोश है। समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार और दहेज प्रथा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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