शिक्षक बना भक्षक: गुरु के वेश में 58 वर्षीय ‘भेड़िए’ ने किया तीसरी कक्षा की 3 मासूमों का यौन शोषण, भड़की भीड़ ने की दरिंदे की सरेआम धुनाई!

बुलढाणा–मेहकर/प्रतिनिधि
स्कूल को विद्या का मंदिर और शिक्षक को भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। मेहकर तालुका के एक गांव में स्थित जिला परिषद के प्राथमिक विद्यालय में एक 58 वर्षीय हवस के पुजारी शिक्षक ने तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली तीन मासूम बच्चियों को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया है।
इस घिनौनी वारदात के खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
घटना के मुख्य अंश:
- आरोपी की पहचान: दरिंदे शिक्षक का नाम महादेव आत्माराम मानतोडे (58 वर्ष) है।
- शिकार: महज 8-9 साल की उम्र की, तीसरी कक्षा की तीन मासूम छात्राएं।
- रिटायरमेंट से ठीक पहले काली करतूत: सबसे हैरानी की बात यह है कि यह बेशर्म शिक्षक आगामी 31 मई को ही सेवानिवृत्त (रिटायर) होने वाला था। सम्मान के साथ विदाई लेने की उम्र में इस नराधम ने जेल की सलाखों के पीछे जाने का घिनौना रास्ता चुना।
गुस्साई भीड़ ने सिखाया सबक, पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
आज सुबह जैसे ही गांव वालों को इस ‘गुरु घंटाल’ की काली करतूतों की भनक लगी, उनके सब्र का बांध टूट गया। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित ग्रामीण और महिलाएं स्कूल की तरफ दौड़ पड़े। भीड़ ने इस दरिंदे शिक्षक को घेर लिया और महिलाओं व ग्रामीणों ने मिलकर उसकी सरेआम जमकर धुनाई की। लात-घूंसों और चप्पलों से इस भक्षक की वह खातिरदारी हुई कि उसे अपनी करनी का कुछ तो अहसास जरूर हो गया होगा।
पुलिस के कब्जे से भी छीनने की कोशिश
हालात इतने तनावपूर्ण हो गए थे कि घटना की सूचना मिलते ही डॉनगांव पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसी तरह आरोपी महादेव मानतोडे को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में लिया, लेकिन जनता के सिर पर खून सवार था। ग्रामीण पुलिस की गाड़ी के आगे अड़ गए और आरोपी को ले जाने से रोकने लगे। वे खुद इस दरिंदे को उसके किए की सजा देना चाहते थे।
किसी तरह पुलिस ने बिगड़ते हालात को संभाला और भारी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को समझा-बुझाकर आरोपी को अपने साथ थाने ले गई।
आगे की कार्रवाई जारी
डॉनगांव पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, दहशत में आईं पीड़ित बच्चियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मासूमों के बयान दर्ज होते ही इस नराधम के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे धकेला जाएगा। डॉनगांव पुलिस थाने में एफआईआर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस शर्मनाक घटना ने न सिर्फ शिक्षा जगत को शर्मसार किया है, बल्कि अभिभावकों के मन में भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गहरा खौफ पैदा कर दिया है। अब पूरे गांव की एक ही मांग है— इस दरिंदे को कड़ी से कड़ी सजा मिले!