“देश बनाने में जुटे पीएम मोदी, देश तोड़ने में लगे नितेश राणे: प्यारे खान का हमला”

पहलगाम आतंकी हमले के बाद देशभर में आक्रोश का माहौल है, लेकिन नेताओं के विवादित बयानों ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। महाराष्ट्र में बीजेपी मंत्री नितेश राणे के बयान पर अब अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
प्यारे खान ने कहा, “भारत इस समय शोक में डूबा है। ऐसे समय में नफरत फैलाने वाले बयान देना बेहद गलत है। आज देश के मुस्लिम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े हैं और पाकिस्तान के खिलाफ हैं। यह हम सभी के लिए एक बड़ी क्षति है, ऐसे में इस तरह के बयानों से देश को बांटना ठीक नहीं।”
उन्होंने आगे कहा, “नितेश राणे जैसे नेता हमेशा नफरत फैलाने का काम करते हैं। उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। जब देश के प्रधानमंत्री देश को जोड़ने का काम कर रहे हैं, तब नितेश राणे जैसे नेता उसे तोड़ने का काम कर रहे हैं।”
प्यारे खान ने इस बात पर भी जोर दिया कि कश्मीर में आदिल जैसे मुस्लिम युवकों ने पर्यटकों को बचाने के लिए अपनी जान दे दी। “यह पहली बार है जब हर मस्जिद, हर मदरसे से पाकिस्तान के खिलाफ आवाज उठ रही है। पूरा मुस्लिम समुदाय आज भारत के साथ मजबूती से खड़ा है,” उन्होंने कहा।
क्या था नितेश राणे का बयान?
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने रत्नागिरी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि, “जब भी हिंदू खरीदारी करने जाएं, तो दुकानदार का धर्म पूछें। अगर वह हिंदू है, तो उसे हनुमान चालीसा सुनाने को कहें। अगर वह पढ़ नहीं सके, तो उससे कुछ भी न खरीदें।”
राणे के इस बयान ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है और विपक्षी दलों समेत कई सामाजिक संगठनों ने इसकी कड़ी निंदा की है।
