पुणे में MBBS डॉक्टर निकला ड्रग्स तस्कर – ₹1.5 करोड़ की ‘MD’ ड्रग्स के साथ तीन गिरफ्तार

पुणे – शहर में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच ने ₹1.5 करोड़ की कीमत की एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक आरोपी एमबीबीएस डॉक्टर है, जो मेडिकल प्रोफेशन की आड़ में ड्रग्स तस्करी कर रहा था।
यह कार्रवाई पुणे पुलिस क्राइम ब्रांच यूनिट-1 की ओर से की गई। जानकारी के अनुसार, आरोपियों के पास से करीब 1.2 किलो एमडी ड्रग्स बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹1.5 करोड़ है। आरोपियों को हडपसर इलाके से पकड़ा गया, जहां ये लोग ड्रग्स की डिलीवरी देने वाले थे।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
- डॉ. राहुल पाटील (29 वर्ष) – एमबीबीएस डिग्रीधारी, मूल रूप से सोलापुर का निवासी, पुणे के एक निजी क्लिनिक में काम कर रहा था।
- विनीत शर्मा (31 वर्ष) – मुंबई से जुड़ा पुराना ड्रग पेडलर
- सलमान शेख (26 वर्ष) – पुणे में ही रहता था, ड्रग्स की लोकल सप्लाई का काम करता था।
डॉक्टर बनकर करता था ड्रग्स सप्लाई
पुलिस की जांच में सामने आया है कि डॉ. राहुल पाटील ने कुछ वर्षों पहले ही एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी और वह पुणे के एक क्लिनिक में बतौर असिस्टेंट डॉक्टर कार्यरत था। लेकिन उसकी जिंदगी का दूसरा चेहरा बेहद खतरनाक था — वह गुप्त रूप से ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और पढ़े-लिखे होने के कारण पुलिस की नजरों से बचा हुआ था।
कैसे हुआ भंडाफोड़?
पुलिस को कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि हडपसर और कोरेगांव पार्क इलाके में एमडी ड्रग्स की खपत तेजी से बढ़ रही है। क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाकर तीनों आरोपियों को डिलीवरी से पहले ही पकड़ लिया। तलाशी के दौरान एक मेडिकल बैग से ड्रग्स के पैकेट बरामद किए गए, जिसे आम तौर पर इंजेक्शन या दवाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इनके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे और क्या इस नेटवर्क में और भी डॉक्टर या मेडिकल छात्र शामिल हैं।
पुणे पुलिस उपायुक्त ने मीडिया को बताया –
“यह समाज के लिए बेहद गंभीर संकेत है कि एक डॉक्टर, जिसे जीवन बचाने के लिए प्रशिक्षित किया गया हो, वह जानलेवा नशे का सौदागर निकले। हम पूरे नेटवर्क की छानबीन कर रहे हैं।”
