सोनम वांगचुक को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता खान एजाज़ अहमद की पहली प्रतिक्रिया आई सामने, बोले— ‘देश के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं वांगचुक’

नई दिल्ली | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अब सामाजिक कार्यकर्ता एवं लोकसभा चुनाव के सक्रिय उम्मीदवार खान एजाज़ अहमद की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।
खान एजाज़ अहमद ने कहा कि सोनम वांगचुक किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक सरोकारों के लिए वर्षों तक कार्य किया है। आज वे देश के लाखों विद्यार्थियों और देश के भविष्य से जुड़े मुद्दे को लेकर ज़िंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि सरकार को सोनम वांगचुक की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, ताकि उनका अनशन समाप्त हो सके। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनभावनाओं का सम्मान और संवाद के माध्यम से समाधान निकालना ही सबसे बड़ा दायित्व है। यदि सरकार इस दिशा में पहल करती है, तो यह लोकतंत्र की जीत होगी।
खान एजाज़ अहमद ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। देश के विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार से प्रभावित नहीं होना चाहिए और ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई होना आवश्यक है।
गौरतलब है कि खान एजाज़ अहमद आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में सक्रिय हैं। वर्ष 2019 के औरंगाबाद लोकसभा चुनाव में उन्होंने 23 उम्मीदवारों के बीच पांचवां स्थान प्राप्त किया था। आगामी चुनाव में वे बिना फिजूलखर्ची, बिना बैनर-झंडे और बिना दिखावटी प्रचार के चुनाव लड़ने की अपनी अनोखी संकल्पना के साथ जनता के बीच जाने की तैयारी कर रहे हैं।