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जालना: ₹4.30 करोड़ की क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी का आरोपी कोल्हापुर से गिरफ्तार, 6 दिन की PCR

जालना | कादरी हुसैन

बिटकॉइन और आभासी मुद्रा में निवेश से बड़े मुनाफे का लालच देकर नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी को आर्थिक अपराध शाखा, जालना ने कोल्हापुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अमोद वसंत म्हेतर (50), निवासी इचलकरंजी, जिला कोल्हापुर के रूप में हुई है। आरोपी पर BLSS और VDTT नामक आभासी मुद्राओं में निवेश के नाम पर कुल ₹4,30,66,795 की कथित आर्थिक धोखाधड़ी करने का आरोप है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उसे 6 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) मंजूर की है।

पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर 2025 को प्राप्त शिकायत के आधार पर अमोद वसंत म्हेतर सहित कुल छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोपियों में इरफान सय्यद मोयोद्दीन, व्यंकटेश दशरथ भोई, दोनों निवासी इचलकरंजी, रमेश उत्तेकर निवासी पुणे, अजय गायकवाड़ निवासी कोल्हापुर तथा शर्वरी अमोद म्हेतर निवासी इचलकरंजी शामिल हैं।

आरोप है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता, उनके रिश्तेदारों और मित्र-परिवार के लोगों को BLSS और VDTT जैसी आभासी मुद्राओं में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। निवेश पर बड़ा आर्थिक लाभ मिलने का भरोसा दिलाकर अलग-अलग समय पर कुल ₹4.30 करोड़ से अधिक की राशि जमा कराई गई और बाद में इस राशि का कथित रूप से गबन किया गया।

इस मामले में पुलिस थाना तालुका जालना में अपराध क्रमांक 441/2025 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406, 409 और 120(ब) के साथ महाराष्ट्र प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स (MPID) अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ इससे पहले तालुका जालना पुलिस थाने में GDCC (क्रिप्टो करेंसी) से संबंधित मामला दर्ज हो चुका है। उस मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस को मिली है।

मामला दर्ज होने के बाद आरोपी अमोद म्हेतर फरार चल रहा था। आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की गतिविधियों और संभावित ठिकाने की जानकारी जुटाई। वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बाद पुलिस टीम कोल्हापुर रवाना हुई और वडगांव पुलिस थाने की स्थानीय पुलिस की सहायता से 20 अगस्त 2026 को वडगांव, कोल्हापुर से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी तळसंदे गांव में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। क्षेत्र में एक बड़ा कॉलेज होने के कारण वहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी किराए के कमरों में रहते हैं। आरोपी ने इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए किराए पर कमरा लिया था और पहचान छिपाने के लिए दाढ़ी बढ़ाकर रह रहा था। तकनीकी विश्लेषण और गहन जांच के बाद पुलिस ने उसका पता लगाया और गिरफ्तारी की।

अब पुलिस आरोपी से कथित आर्थिक धोखाधड़ी, निवेश के लिए इस्तेमाल किए गए नेटवर्क, अन्य आरोपियों की भूमिका, निवेशकों से प्राप्त रकम और पैसों के लेन-देन सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है।

यह कार्रवाई जालना के पुलिस अधीक्षक तेघबीरसिंह संधु, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. विक्रम साळी तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी एवं आर्थिक अपराध शाखा जालना के बालासाहेब पवार के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में सहायक पुलिस निरीक्षक मिथुन घुगे, पुलिस उपनिरीक्षक शैलेष म्हस्के, गोकुळसिंग कायटे, किरण चव्हाण, समाधान तेलंग्रे, विष्णु कोरडे, ज्ञानोबा खुणे और श्रेयश वाघमारे ने सहभाग लिया।

क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी के शिकार नागरिकों से अपील

आर्थिक अपराध शाखा जालना ने नागरिकों से अपील की है कि क्रिप्टो करेंसी या किसी भी प्रकार की आभासी मुद्रा में निवेश के नाम पर यदि उनके साथ आर्थिक धोखाधड़ी हुई है, तो वे आगे आकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने ऐसे पीड़ितों से जांच में सहयोग करने और उपलब्ध दस्तावेज एवं लेन-देन से संबंधित जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराने का आह्वान किया है।

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