औरंगाबाद में दिव्यांग अधिकारी से मारपीट, जालना के दो लोगों पर मामला दर्ज

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
औरंगाबाद में बैंक द्वारा जब्त किए गए मकान का कब्जा लेने के लिए अपर तहसील कार्यालय पहुंचे जालना के दो लोगों पर दिव्यांग सहायक राजस्व अधिकारी के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप सामने आया है। घटना गुरुवार (20 अगस्त) दोपहर करीब 3 बजे की बताई गई है। आरोप है कि दोनों ने अधिकारी के दिव्यांग होने को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, उन्हें नौकरी से निकलवाने की धमकी दी और सिर पर घूंसे-मुक्कों से हमला किया।
मारपीट में अधिकारी के सिर और मस्तिष्क में चोट लगी है। उन्हें उपचार के लिए घाटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। इस मामले में सिटी चौक पुलिस थाने में सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट करने तथा दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोपियों की पहचान जालना निवासी बॉबी राधेश्याम अग्रवाल और अनिकेत कृष्णा भंडारी के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता 48 वर्षीय विजय चंद्रभान सरोवर, निवासी पडेगांव, के अनुसार वे गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे अपर तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार अरुण पहुरे, जितेंद्र जाधव, रामदास मोगल सहित अन्य कर्मचारियों के साथ सरकारी काम कर रहे थे।
इसी दौरान बॉबी अग्रवाल और अनिकेत भंडारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बैंक ने वडगांव कोल्हाटी में एक मकान जब्त किया है और उसका कब्जा दिलाने के लिए अधिकारी उनके साथ चलें। इस पर विजय सरोवर ने उन्हें बताया कि जब्ती की कार्रवाई के लिए मंडल अधिकारी अभिलाषा म्हस्के और नायब तहसीलदार की नियुक्ति की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मंडल अधिकारी सरकारी काम से बाहर गई हुई हैं।
सरोवर ने आरोपियों को समझाया कि कार्रवाई के लिए दोनों अधिकारियों की मौजूदगी आवश्यक है। आरोप है कि यह जानकारी मिलने के बाद बॉबी अग्रवाल ने कथित रूप से आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया और कहा कि मंडल अधिकारी हैं या नहीं, इससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है और सरोवर को उनके साथ चलना ही होगा।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने सरोवर की दिव्यांगता को लेकर बार-बार आपत्तिजनक टिप्पणी की और उनकी काठी छीनकर उनके ही सिर पर मारने की धमकी दी।
मोबाइल से वीडियो बनाने पर विवाद, फिर मारपीट
शिकायत के मुताबिक, अनिकेत भंडारी इस पूरे घटनाक्रम का मोबाइल से वीडियो बना रहा था। सरकारी कार्यालय में वीडियो बनाने से सरोवर ने उसे रोका तो आरोपी ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज करते हुए धक्का दिया और घूंसे-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी।
इसी दौरान पीछे से आए बॉबी अग्रवाल ने भी सरोवर के सिर पर हमला किया। कार्यालय में मौजूद अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर सरोवर को आरोपियों से छुड़ाया।
घटना के बाद विजय सरोवर ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने उन्हें उपचार के लिए घाटी अस्पताल भेजा। मारपीट में उनके मस्तिष्क को चोट लगने की बात सामने आई है और चिकित्सकों ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी है।
मामले की आगे की जांच उपनिरीक्षक भागवत मुठाळ कर रहे हैं।
