जालना: छह साल की मासूम बच्ची से अत्याचार के प्रयास पर भड़का आक्रोश; नागरिकों ने आरोपी का घर गिराया!

जालना/कादरी हुसैन
जालना शहर के रामनगर क्षेत्र स्थित दिनकर कॉलोनी में महज छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ अत्याचार करने के प्रयास की कथित घटना से शहर में आक्रोश की लहर फैल गई है। बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर उसके साथ अत्याचार करने का प्रयास करने के आरोप में 60 वर्षीय दिनेश काशिनाथ सुवर्णकार के खिलाफ नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। संतप्त नागरिक कुदाल, फावड़े, सब्बल, टांगी और लकड़ी के डंडे लेकर आरोपी के घर पहुंचे। नागरिकों ने घर में तोड़फोड़ करने के बाद आखिरकार उसका एक हिस्सा गिरा दिया।
घटना की जानकारी क्षेत्र में तेजी से फैलते ही बड़ी संख्या में नागरिक मौके पर जमा हो गए। छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ कथित रूप से हुई घटना को लेकर नागरिकों में भारी आक्रोश था। ‘मासूम बच्ची को न्याय मिलना ही चाहिए’ और ‘आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए’, जैसी मांगों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
आरोपी के घर पर नागरिकों का धावा
संतप्त नागरिक सीधे आरोपी के घर पहुंच गए। उन्होंने घर की छत पर लगी चादरें और अन्य सामग्री हटाकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसके बाद कुदाल, फावड़े और सब्बल की मदद से घर के एक हिस्से को गिरा दिया गया। इस घटना के चलते कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
पुलिस ने आरोपी को लिया हिरासत में
इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए सदर बाजार पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। पीड़ित बच्ची के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
सदर बाजार पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक संदीप भारती के अनुसार, छह वर्षीय नाबालिग बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर 60 वर्षीय व्यक्ति द्वारा उसके साथ अत्याचार करने का प्रयास किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया गया है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
बच्चों की सुरक्षा का सवाल फिर उठा
महज छह वर्षीय बच्ची को निशाना बनाए जाने के आरोप से अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है। छोटे बच्चों को किसी तरह का लालच देकर उनके साथ गलत हरकत करने वाली प्रवृत्तियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने की आवश्यकता नागरिकों ने व्यक्त की है।
पुलिस की ओर से अपील की गई है कि यदि आरोपी द्वारा इससे पहले भी इस तरह की कोई हरकत की गई हो, तो संबंधित लोग आगे आकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं।
कानून हाथ में लेने के बजाय न्यायिक कार्रवाई जरूरी
मासूम बच्ची के साथ कथित अत्याचार के प्रयास से नागरिकों में पैदा हुआ आक्रोश स्वाभाविक है, लेकिन आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई कानून के दायरे में होना आवश्यक है। नागरिकों की मांग है कि पुलिस इस मामले की तेजी से और निष्पक्ष जांच करे तथा आरोप सिद्ध होने पर आरोपी को कानून के तहत कठोर से कठोर सजा दिलाई जाए।
इस घटना के बाद एक सवाल प्रमुखता से सामने आया है—मासूम बच्चियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से अब और कितने प्रभावी एवं कड़े कदम उठाए जाएंगे? पीड़ित बच्ची को न्याय मिलने तक मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने की मांग जोर पकड़ रही है।