14 साल तक 50 शिकायतें, फिर भी नहीं मिला न्याय; औरंगाबाद में फीनिक्स क्लासेस संचालक ने की आत्महत्या

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
औरंगाबाद के सिडको क्षेत्र में संपत्ति धोखाधड़ी मामले में 14 वर्षों तक पुलिस से न्याय की गुहार लगाने और करीब 50 शिकायतें देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से निराश फीनिक्स इंग्लिश स्पीकिंग क्लास के संचालक मोहन शिवराम कोरडे (60) ने जहरीला पदार्थ पीकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में एमआईडीसी सिडको पुलिस थाने में विजय सांगवीकर, सुधा साने, उद्धव राऊत और संतोष जाधव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2006 में हुई एक कथित संपत्ति धोखाधड़ी के मामले में न्यायालय के आदेश के बाद वर्ष 2012 में पुलिस ने मामला दर्ज किया था। हालांकि, आरोप है कि तत्कालीन जांच अधिकारियों ने करीब 14 वर्षों तक आरोपपत्र दाखिल नहीं किया। न्याय पाने के लिए मोहन कोरडे ने वर्ष 2006 से 2025 के बीच प्रशासन के समक्ष करीब 50 शिकायतें दीं। उन्होंने मुंबई के आजाद मैदान में दो बार आमरण अनशन भी किया। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के आदेश जारी होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप है।
लगातार प्रयासों के बावजूद न्याय नहीं मिलने पर कोरडे ने वर्ष 2025 में उच्च न्यायालय का रुख किया। उच्च न्यायालय द्वारा मामले की गहन जांच के आदेश के बाद जुलाई 2026 में पुलिस ने जांच शुरू की। हालांकि, तब तक आरोपियों को जमानत मिल चुकी थी।
पुलिस जांच में कथित देरी और आर्थिक परेशानियों के चलते घर पर आई कुर्की की कार्रवाई से कोरडे मानसिक रूप से परेशान थे। इसी दौरान 6 अक्टूबर को उन्होंने अपनी क्लासरूम में जहरीला पदार्थ पी लिया। इससे पहले उन्होंने स्वयं 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को जहरीला पदार्थ पीने की जानकारी दी थी।
इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान बुधवार, 7 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
