शिक्षक समेत 50 निवेशकों से 1.32 करोड़ की ठगी, एक साल में रकम तीन गुना करने का दिया था लालच; दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार

जालना/कादरी हुसैन
जालना शहर में एफएमसीजी कंपनी में निवेश के नाम पर एक साल में रकम तीन गुना करने का लालच देकर शिक्षक समेत करीब 50 निवेशकों से 1 करोड़ 32 लाख 5 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में जालना आर्थिक अपराध शाखा ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मुख्य सूत्रधार अभी फरार है। अदालत ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, शेरसवार नगर निवासी शिक्षक मोहम्मद फिरोज अब्दुल सत्तार, उनके भाई और उनके करीबी लोगों को एफएमसीजी कंपनी में निवेश करने पर एक वर्ष में रकम तीन गुना लौटाने का भरोसा दिलाया गया था। इस लालच में आकर कई लोगों ने बड़ी रकम निवेश की। आरोप है कि निवेशकों से कुल 1 करोड़ 32 लाख 5 हजार रुपये लेने के बाद आरोपी फरार हो गए।
शिकायत के आधार पर 3 अक्टूबर 2026 को कदीम जालना पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 564/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा महाराष्ट्र जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण (एमपीआईडी) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई।
गुप्त सूचना के आधार पर आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने 7 अक्टूबर को पुराना जालना क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वसीम अहमद अब्दुल गफार (37), निवासी इतवार गली, कचेरी रोड, पुराना जालना और मोहम्मद यूनुस अहमद मोहम्मद सलीम (34), निवासी इतवार गली, कचेरी रोड, पुराना जालना के रूप में हुई है। वसीम को शाम 6.45 बजे और यूनुस को रात 10 बजे गिरफ्तार किया गया।
दोनों आरोपियों को 8 अक्टूबर 2026 को जालना स्थित विशेष एमपीआईडी न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने मामले की आगे की जांच के लिए दोनों आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत मंजूर की। वहीं, मामले का मुख्य सूत्रधार अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस ने आशंका जताई है कि इस कथित निवेश योजना में और भी लोग ठगी का शिकार हुए हो सकते हैं। आर्थिक अपराध शाखा ने अपील की है कि संबंधित कंपनी में निवेश कर चुके लोग अपने दस्तावेजों के साथ शाखा में उपस्थित होकर शिकायत आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि मामले की जांच में आगे की जानकारी मिल सके।
यह कार्रवाई जालना के पुलिस अधीक्षक तेघबीरसिंह संधू, अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम साळी तथा आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस उपअधीक्षक बालासाहेब पवार के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में सहायक पुलिस निरीक्षक मिथुन घुगे, पुलिस उपनिरीक्षक शैलेश म्हस्के तथा पुलिस अमलदार गोकुळसिंग कायटे, समाधान तेलंग्रे, किरण चव्हाण, विष्णु कोरडे, ज्ञानेश्वर खुने, श्रेयस वाघमारे, मंगेश पोपळघट और महिला पुलिस अमलदार मंदा नाटकर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
