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औरंगाबाद में खाद्य तेल कारखाने पर FDA की छापेमारी, 26.78 लाख रुपये का 13,711 किलो तेल जब्त; लाइसेंस निलंबित

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा 

खाद्य तेल की री-पैकिंग और प्रसंस्करण करने वाले एक कारखाने पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अधिकारियों ने अचानक छापेमारी की। जांच के दौरान कारखाने में खाद्य सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। वाळुंज के वडगांव कोल्हाटी क्षेत्र स्थित मेसर्स ज्योतिर्लिंग फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के कारखाने से 26 लाख 78 हजार 431 रुपये मूल्य का 13,711 किलोग्राम खाद्य तेल का भंडार जब्त किया गया। साथ ही, कारखाने का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

नवरात्रि के बाद दीपावली का त्योहार नजदीक आने के कारण बाजारों में खाद्य तेल, चीनी और मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। त्योहारों के दौरान नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने ‘सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र’ अभियान के तहत मिलावटखोरों और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के अंतर्गत औरंगाबाद में यह छापेमारी की गई।

जांच में नियमों का गंभीर उल्लंघन उजागर

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने कारखाने का अचानक निरीक्षण किया। खाद्य सुरक्षा मानकों के आधार पर कारखाने की स्थिति बेहद खराब पाई गई। निरीक्षण में कुल 80 अंकों में से केवल 28 अंक मिले। इसके बाद कारखाने को नियमों का पालन नहीं करने वाली श्रेणी में रखा गया।

कारखाने में मिलीं कई गंभीर खामियां

जांच के दौरान सामने आया कि खाद्य तेल के भंडारण के लिए नियमानुसार जंगरोधी बर्तनों का उपयोग करने के बजाय सीधे लोहे की टंकियों का इस्तेमाल किया जा रहा था। कारखाने की संरचना भी उचित नहीं पाई गई। प्रवेश द्वार पर कीटों को रोकने के लिए आवश्यक जालियां नहीं थीं, जिससे कीटों के प्रवेश और संक्रमण का खतरा बना हुआ था।

इसके अलावा, तेल की पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री खाद्य-ग्रेड मानकों के अनुरूप नहीं थी। इस सामग्री से संबंधित आवश्यक प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं थे। कारखाने में तैयार किए जाने वाले तेल की आंतरिक स्तर पर या किसी मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से सुरक्षा जांच नहीं कराई जा रही थी। वहीं, पानी की हर छह महीने में कराई जाने वाली जांच की रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं मिली।

इन गंभीर खामियों को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कारखाने के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया और लाखों रुपये मूल्य का खाद्य तेल जब्त कर लिया।

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