महाराष्ट्र में मानसून का कहर तेज, समुद्र और घाट क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

मुंबई: महाराष्ट्र में मानसून की तीव्रता बढ़ गई है और मौसम विभाग ने समुद्री इलाकों और घाट क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है। भारतीय राष्ट्रीय समुद्री सूचना सेवा केंद्र के अनुसार, 23 जुलाई 2025 की शाम 5:30 बजे से लेकर 24 जुलाई की रात 8:30 बजे तक मुंबई, उपनगर मुंबई, ठाणे, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जैसे तटीय जिलों में 3.6 से 4.3 मीटर तक ऊंची समुद्री लहरें उठने की संभावना जताई गई है।
पालघर और रायगढ़ जिलों में भी 3.4 से 3.8 मीटर तक ऊंची लहरों की आशंका है। इस स्थिति को देखते हुए मछुआरों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि वे छोटी नौकाओं और बोट्स के साथ समुद्र में न जाएं। यह चेतावनी राज्य आपातकालीन प्रबंधन केंद्र द्वारा जारी की गई है।
इस बीच, कोकण और पश्चिम महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में भीषण बारिश की चेतावनी दी गई है। रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर और सातारा जिलों के घाट क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया गया है। संबंधित जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और राष्ट्रीय व राज्य आपदा प्रतिक्रिया दलों को तैनात किया गया है।
राज्य के कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। परभणी जिले के पाथरी तालुका के मौजे हदगाव नखाते गांव में 117.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिससे गांव में जलभराव हुआ। इस दौरान 7 से 8 लोग पानी में फंस गए थे, जिन्हें आपदा प्रबंधन दल ने छत से सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
हिंगोली जिले के सेनगाव तालुका के बरडा गांव में भी अतिवृष्टि से बाढ़ जैसे हालात बन गए। गांव के एक मंदिर में फंसे तीन लोगों को स्थानीय प्रशासन की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। फिलहाल राज्य आपातकालीन केंद्र ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।
राज्यभर में आने वाले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर बना रह सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अधिकारिक निर्देशों का पालन करें, सतर्क रहें और विशेष रूप से तटीय व घाट क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
