औरंगाबाद: बाईजीपुरा में दिल दहला देने वाली घटना– विवाहिता ने की खुदकुशी, मायकेवालों ने लगाए गंभीर आरोप

औरंगाबाद बाईजीपुरा क्षेत्र में एक 28 वर्षीय महिला ने कथित रूप से घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। यह घटना सोमवार सुबह सामने आई, जब महिला अपने कमरे में फांसी के फंदे पर झूलती मिली। मृतका की पहचान रुबीना शेख (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई है।
परिजनों ने लगाया ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप
मृतका के मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए ससुराल वाले मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे। मृतका की मां ने बताया कि उनकी बेटी की शादी तीन साल पहले गुलमंडी क्षेत्र के मोहम्मद शेख से हुई थी। शुरू में सब कुछ ठीक था, लेकिन कुछ ही महीनों बाद पैसों और गहनों के लिए दबाव बढ़ने लगा।
परिजनों के अनुसार, उन्होंने पहले भी कई बार सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन ससुरालवालों की प्रताड़ना दिन-ब-दिन बढ़ती चली गई। मृतका की बहन ने बताया कि हाल ही में उसे फोन पर कहा गया था कि “अब बर्दाश्त की हद पार हो गई है।”
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची
स्थानीय लोगों की सूचना पर चौक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार महिला की मौत आत्महत्या प्रतीत हो रही है, लेकिन परिजनों के आरोपों के आधार पर मामला संदेहास्पद बन गया है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
चौक थाने के वरिष्ठ निरीक्षक ने बताया कि मृतका के मायकेवालों की शिकायत के आधार पर पति, सास-ससुर और जेठ के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498A (घरेलू हिंसा), 304B (दहेज हत्या) और 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मृतका के पति से पूछताछ जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर औरंगाबाद शहर में महिलाओं की सुरक्षा और दहेज प्रताड़ना के खिलाफ कानून की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक संगठनों ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा देने की मांग की है।
