रवांडा समर्थित एम23 विद्रोहियों का कांगो की राजधानी गोमा पर कब्जा, जेल में सैकड़ों महिला कैदियों के साथ बलात्कार करके ज़िंदा जलाया

गोमा, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य – रवांडा समर्थित एम23 विद्रोहियों ने पिछले सप्ताह कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) की राजधानी गोमा पर कब्जा कर लिया। इस दौरान गोमा के मुंजेंजे जेल में सैकड़ों महिला कैदियों के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और उन्हें जिंदा जला दिया गया। यह घटना देश में चल रहे संघर्ष के दौरान मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का एक और काले अध्याय के रूप में सामने आई है।
जेल में हुई भीषण घटना
द गार्जियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुंजेंजे जेल में सामूहिक जेलब्रेक के दौरान विद्रोहियों ने महिला कैदियों के विंग पर हमला किया। सैकड़ों महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया और फिर उनके विंग में आग लगा दी गई। इस हमले में सभी महिलाएं मारी गईं। जेल में करीब 4,000 कैदी थे, जिनमें से अधिकांश पुरुष कैदी भागने में सफल रहे, लेकिन महिलाओं के लिए बने क्षेत्र को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
संयुक्त राष्ट्र की चिंता
संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के उप प्रमुख विवियन वैन डे पेरे ने बताया कि इस घटना की जांच करना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि एम23 विद्रोहियों ने जेल के आसपास प्रतिबंध लगा दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने इस घटना को “युद्ध अपराध” करार दिया है और कहा है कि इस संघर्ष के दौरान मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन की रिपोर्टें सामने आ रही हैं।
कांगो का संघर्ष और अराजकता
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य पिछले कई दशकों से संघर्ष और अराजकता का सामना कर रहा है। यह क्षेत्र खनिज संपदा से भरपूर है, जिसके कारण यहां विद्रोही समूहों और अंतरराष्ट्रीय हितों के बीच संघर्ष जारी है। 1996-1997 और 1998-2003 के युद्धों में लाखों लोग मारे गए और विस्थापित हुए। एम23 विद्रोही समूह, जिसे रवांडा का समर्थन प्राप्त है, ने हाल के वर्षों में कांगो के पूर्वी हिस्से में हिंसा को बढ़ावा दिया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की मांग
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर दिया है। मानवाधिकार संगठनों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि इस तरह के युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपेक्षा की जा रही है कि वे कांगो में शांति स्थापित करने और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं।
गोमा में अभी भी शवों का इंतजार
रिपोर्ट्स के अनुसार, गोमा में अभी भी लगभग 2,000 शव दफनाए जाने का इंतजार कर रहे हैं। यह घटना न केवल कांगो के लिए, बल्कि पूरे अफ्रीका और विश्व समुदाय के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि संघर्ष और अराजकता के कारण मानवता को कितना भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
