जालना: मोतीबाग में कचरा जलाने का मामला गरमाया; जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग तेज
“आम जनता पर जुर्माना, अधिकारियों पर मेहरबानी क्यों?” – साद बीन मुबारक

जालना/कादरी हुसैन
जालना शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल मोतीबाग परिसर में कचरा जलाने की घटना सामने आने के बाद शहर में आक्रोश का माहौल है। 26 फरवरी (गुरुवार) सुबह करीब 11 बजे मिली जानकारी के अनुसार, मोतीबाग क्षेत्र में कई स्थानों पर कचरे के बड़े ढेर लगाकर उन्हें आग के हवाले किया गया, जिससे पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया।
शिकायत के मुताबिक, सड़क किनारे, फव्वारे के पास, तालाब के आसपास और सार्वजनिक सैरगाह मार्ग पर कचरा जलाया गया। सुबह टहलने आने वाले वरिष्ठ नागरिकों और शाम को खेलने वाले बच्चों को धुएं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। स्वास्थ्य पर इसके संभावित दुष्परिणामों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता साद बीन मुबारक ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जालना महानगरपालिका आयुक्त को लिखित शिकायत सौंपकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि शहर में यदि कोई आम नागरिक कचरा जलाता है तो उस पर 3 से 5 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है, लेकिन जब यह घटना प्रशासनिक क्षेत्र में होती है तो जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जाती?
मामले में जब संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया तो “जानकारी नहीं है, देखते हैं” जैसा जवाब मिलने का दावा किया गया है। इससे लापरवाही या संभावित मिलीभगत को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं।
साद बीन मुबारक ने मांग की है कि जिस प्रकार आम नागरिकों पर जुर्माना लगाया जाता है, उसी तरह संबंधित अधिकारी से भी दंड राशि वसूल कर उसे महापालिका के खाते में जमा कराया जाए।
घटना के बाद शहर में प्रशासन के दोहरे रवैये को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि महापालिका इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करती है या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
