बारिश शुरू होते ही बढ़े सर्पदंश के मामले, औरंगाबाद की घाटी में 15 दिनों में 27 मरीज भर्ती

औरंगाबाद | प्रतिनिधि
बारिश का मौसम शुरू होते ही बिलों में रहने वाले सांप, बिच्छू और अन्य विषैले जीव बाहर निकलने लगे हैं, जिससे सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की जा रही है। औरंगाबाद के शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (घाटी अस्पताल) में पिछले 15 दिनों के दौरान सर्पदंश के 27 मरीज भर्ती किए गए हैं। वहीं, बीड जिला अस्पताल में पिछले 48 घंटों में 13 मरीजों का उपचार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
बारिश के आगमन के साथ ही प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में खेती-बाड़ी का काम तेज हो गया है। इस दौरान खेतों, वारूलों और बिलों से सांप, बिच्छू तथा अन्य विषैले जीव बाहर निकल रहे हैं, जिससे किसानों और ग्रामीणों के सर्पदंश का खतरा बढ़ गया है।
बीड जिला अस्पताल में पिछले 48 घंटों के दौरान सर्पदंश के 13 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इनमें अधिकांश मरीज ग्रामीण क्षेत्रों के हैं और खेती-किसानी से जुड़े परिवारों के बताए गए हैं।
बीड के जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उल्हास गंडाळ ने बताया कि महाराष्ट्र में मुख्य रूप से चार प्रकार के विषैले सांप पाए जाते हैं। किसी व्यक्ति को सांप काटने पर यह जानने की कोशिश न करें कि सांप विषैला था या नहीं, बल्कि तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सक से जांच और उपचार कराएं। उन्होंने बताया कि बीड जिले के सभी 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश के उपचार के लिए आवश्यक दवाएं और एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सांपों के लिए अनुकूल वातावरण होने के कारण ऐसे मामले अधिक सामने आते हैं। यदि किसी व्यक्ति को सांप या अन्य विषैले जीव ने काट लिया हो तो बिना देरी किए उसे निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए।
उधर, औरंगाबाद के शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (घाटी) में 15 से 30 जून के बीच सर्पदंश के 27 मरीज भर्ती किए गए। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी मरीजों का उपचार किया गया है तथा सर्पदंश के इलाज के लिए आवश्यक सभी दवाएं अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।