पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की मौत, पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका मिला शव

कोलकाता | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी की रविवार सुबह बीरभूम जिले के रामपुरहाट में मौत हो गई। उनका शव उनके घर के पास स्थित तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और पार्टी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस ने मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से एक कथित हस्तलिखित पत्र मिलने की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी प्रामाणिकता और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
आशीष बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी नेताओं के तौर पर उनकी पहचान थी। वह रामपुरहाट विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक रहे। ममता बनर्जी सरकार में उन्होंने मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली और बाद में पश्चिम बंगाल विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भी बने।
लंबा रहा राजनीतिक सफर
आशीष बनर्जी ने वर्ष 2001 में रामपुरहाट विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर अपना राजनीतिक सफर मजबूत किया और इसके बाद लगातार कई चुनावों में इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2011, 2016 और 2021 में भी उन्होंने रामपुरहाट से जीत दर्ज की। वह राज्य सरकार में कृषि मंत्री सहित विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके थे।
हालांकि 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें रामपुरहाट सीट पर भाजपा के ध्रुब साहा से हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणामों के अनुसार ध्रुब साहा को 1,11,920 वोट मिले, जबकि आशीष बनर्जी को 87,687 वोट प्राप्त हुए।
जून 2026 में दिया था संगठनात्मक पदों से इस्तीफा
विधानसभा चुनाव में हार के कुछ समय बाद आशीष बनर्जी ने जून 2026 में तृणमूल कांग्रेस के बीरभूम जिला संगठन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने जिला अध्यक्ष और जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद कहा था कि वह पार्टी छोड़ नहीं रहे हैं और आगे तृणमूल कांग्रेस के सामान्य सदस्य के रूप में काम करते रहेंगे।
मौत की वजह पर जांच जारी
आशीष बनर्जी की मौत के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। कथित पत्र की सत्यता और उसमें लिखी बातों की भी जांच की जा रही है। पुलिस जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही उनकी मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
