15 जुलाई तक UMMEED पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण कराएं, वरना भविष्य में आ सकती हैं कानूनी मुश्किलें: तहफ्फुज़ औकाफ फोरम

जालना | औरंगाबाद: कादरी हुसैन
तहफ्फुज़ औकाफ फोरम, महाराष्ट्र ने राज्यभर के सभी मुतवल्ली, सज्जादानशीन, ट्रस्टी, केयरटेकर, मस्जिद एवं दरगाह कमेटियों, मदरसों, कब्रिस्तानों, इस्लामी संगठनों, जमातों, गैर-सरकारी संस्थाओं (NGO) तथा वक्फ कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अपनी सभी वक्फ संपत्तियों का विवरण महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड के UMMEED पोर्टल पर 15 जुलाई 2026 से पहले अनिवार्य रूप से अपलोड करें।
फोरम द्वारा संदर्भ क्रमांक TAF/MAH/ABD/2026/056 दिनांक 3 जुलाई 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मस्जिद, दरगाह, कब्रिस्तान, मदरसा तथा अन्य सभी वक्फ संपत्तियों का समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अत्यंत आवश्यक है। संबंधित संस्थाएं स्वयं यह प्रक्रिया पूरी करें या अपने-अपने जिला वक्फ अधिकारी की सहायता से पंजीकरण सुनिश्चित करें।
फोरम ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा तक वक्फ संपत्तियों का विवरण UMMEED पोर्टल पर दर्ज नहीं किया गया, तो भविष्य में वक्फ बोर्ड, वक्फ ट्रिब्यूनल, उच्च न्यायालय अथवा सर्वोच्च न्यायालय में किसी भी कानूनी विवाद की स्थिति में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा विलंब शुल्क, प्रशासनिक कार्रवाई तथा अन्य कानूनी परेशानियां भी उत्पन्न हो सकती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भविष्य में संबंधित संपत्ति के वक्फ होने को प्रमाणित करना भी कठिन हो सकता है।
तहफ्फुज़ औकाफ फोरम ने सुन्नी, शिया, बोहरा, आगाखानी सहित सभी मुस्लिम समुदायों की धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से अपील की है कि वे अपने जिले के वक्फ अधिकारी से तत्काल संपर्क कर पंजीकरण प्रक्रिया समय रहते पूरी करें।
मराठवाड़ा क्षेत्र के जिला वक्फ अधिकारियों में औरंगाबाद के लिए शेख अब्दुल अज़ीम, जालना के लिए शेख सलमान, परभणी एवं हिंगोली के लिए इमरान खान पठान, नांदेड़ के लिए मोहम्मद मोताशिम अंसारी, लातूर के लिए अरसलानुद्दीन मोहम्मद, बीड के लिए तौफीक अहमद तथा धाराशिव (उस्मानाबाद) के लिए आमिर खैसर पटेल सैयद नियुक्त हैं। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र के अन्य सभी जिलों में भी जिला वक्फ अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
फोरम ने कहा है कि यदि किसी जिले में वक्फ अधिकारी से संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा हो या आवश्यक सहयोग नहीं मिल रहा हो, तो संबंधित संस्थाएं सीधे तहफ्फुज़ औकाफ फोरम, महाराष्ट्र से संपर्क करें। फोरम द्वारा हरसंभव मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
यह अपील तहफ्फुज़ औकाफ फोरम, महाराष्ट्र के निदेशक राशिद रशीद सिद्दीकी तथा शिया विंग के अध्यक्ष डॉ. सैयद दिलशाद अली जैदी की ओर से जारी की गई है।
