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औरंगाबाद: नकली नंबर प्लेट लगाकर दो टन गोमांस की तस्करी का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा 

पुलिस की नजर से बचने के लिए वाहन पर नकली नंबर प्लेट लगाकर और अंदर खाली गत्ते के डिब्बे रखकर उनके नीचे गोमांस की तस्करी करने वाले अंतरजिला गिरोह का अपराध शाखा ने पर्दाफाश किया है। मालीवाड़ा क्षेत्र में समृद्धि महामार्ग पर चढ़ने से पहले ही तस्करों की गाड़ी को पकड़ लिया गया। कार्रवाई में करीब दो टन गोमांस जब्त किया गया है। गिरफ्तार दो युवकों सहित पांच लोगों के खिलाफ दौलताबाद पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदिल रफीक शेख (24) और जिशान सादिक सय्यद (26), दोनों निवासी श्रीरामपुर, अहमदनगर, के रूप में हुई है। वहीं मोहसीन कुरैशी (बीफ मार्केट, श्रीरामपुर), जुबेर (गल्लेबोरगांव) और गल्ला (मुंबई) अन्य आरोपियों के नाम बताए गए हैं। यह जानकारी अपराध शाखा के प्रभारी पुलिस निरीक्षक अशोक भंडारे ने दी।

अपराध शाखा को सूचना मिली थी कि कन्नड़ की ओर से बोलेरो पिकअप (एमएच 45 एएफ 7713) में गोमांस भरकर औरंगाबाद की ओर लाया जा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने मालीवाड़ा में समृद्धि महामार्ग के पास जाल बिछाया। तस्करों की गाड़ी दिखाई देते ही उसे रोककर पूछताछ की गई और तलाशी ली गई।

गाड़ी के पिछले हिस्से में किसी को शक न हो, इसके लिए कोनों में गत्ते के खाली डिब्बे रखे गए थे। लेकिन इन डिब्बों के पीछे सफेद तिरपाल में बर्फ डालकर छिपाया गया गोवंश का मांस बरामद हुआ।

पुलिस के अनुसार, श्रीरामपुर के तस्कर मोहसीन ने यह माल मुंबई तक पहुंचाने के लिए आदिल और जिशान को जिम्मेदारी दी थी। करीब तीन घंटे में आमने इंटरचेंज तक माल पहुंचाने के लिए दोनों को 5 हजार रुपये मिलने थे।

खुलताबाद से मुंबई तक फैला तस्करी का नेटवर्क

जांच में गोमांस तस्करी के तार खुलताबाद तालुका के गल्लेबोरगांव तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। फरार आरोपी जुबेर ने गल्लेबोरगांव से वाहन में करीब दो टन गोमांस भरकर दिया था। यह मांस मुंबई के ‘गल्ला शेठ’ नामक व्यापारी तक पहुंचाया जाना था। बताया गया है कि गल्ला शेठ यह मांस 350 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदता था।

आमने इंटरचेंज पर वाहन बदलने की थी योजना

बोलेरो पिकअप को समृद्धि महामार्ग से सीधे भिवंडी-ठाणे के पास स्थित आमने इंटरचेंज तक ले जाने की योजना थी। तस्करों को आशंका थी कि पिकअप वाहन की पुलिस जांच कर सकती है। इसलिए आमने इंटरचेंज पर पूरा माल एक निजी कार में स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई थी।

पुलिस के अनुसार, निजी कार पर जल्दी संदेह नहीं होने का फायदा यह गिरोह उठाता था। इसके बाद मांस को कल्याण और ठाणे क्षेत्र के होटलों तथा बाजारों तक पहुंचाया जाना था।

यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त प्रविण पवार और उपायुक्त (अपराध) शशिकांत सातव के मार्गदर्शन में अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक गजानन कल्याणकर, निरीक्षक अशोक भंडारे, उपनिरीक्षक प्रविण पाथरकर, योगेश नवसारे, विजय निकम, प्रदीप दंडवते, जालिंदर गोरे, राजेश यदमळ, गणेश सागरे, सागर पांढरे, संतोष चौरे और सोमनाथ दुकळे की टीम ने की।

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