मंगेश साबळे पर पुलिस का शिकंजा, औरंगाबाद-जालना से 2 साल के लिए तड़ीपार करने की नोटिस

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
विभिन्न आंदोलनों को लेकर चर्चा में रहने वाले गेवराई पायगा के सरपंच मंगेश साबळे के खिलाफ सिटी चौक और क्रांति चौक पुलिस थाने में लगातार दो मामले दर्ज होने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई और सख्त कर दी है। सार्वजनिक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा होने का आरोप लगाते हुए पुलिस ने उन्हें औरंगाबाद और जालना जिले से दो साल के लिए तड़ीपार क्यों न किया जाए, इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी की है।
महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 56(1)(अ)(ब) के तहत सहायक पुलिस आयुक्त सागर देशमुख ने 8 अगस्त को यह नोटिस जारी की। साबळे को अपना पक्ष रखने के लिए पांच दिनों का समय दिया गया है।
साबळे विभिन्न आक्रामक आंदोलनों के कारण लगातार सुर्खियों में रहे हैं। पुलिस का आरोप है कि उनके आंदोलनों में कई बार हिंसक और कानून का उल्लंघन करने वाली स्थिति पैदा हुई।
चुनाव आयोग के काम के लिए शिक्षकों की नियुक्ति के विरोध में जिला कलेक्टर कार्यालय में हंगामा करने और जिलाधिकारी को चुनौती देने के मामले में सिटी चौक पुलिस थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।
8 जून को जिला परिषद में लंबित बिलों के मुद्दे को लेकर साबळे ने कथित तौर पर हंगामा किया और CEO मिन्नू पी. एम. के सरकारी वाहन को रोककर उनके सरकारी कर्तव्य में बाधा डाली। इस घटना के संबंध में 10 जुलाई को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
दो नए मामलों के साथ पुराने मामले भी रिकॉर्ड में शामिल
सिटी चौक और क्रांति चौक पुलिस थानों में दर्ज मामलों के बाद पुलिस की कार्रवाई केवल इन दो मामलों तक सीमित नहीं रही। तड़ीपार की कार्रवाई के प्रस्ताव में जवाहरनगर और फुलंब्री पुलिस थानों में दर्ज पुराने मामलों को भी शामिल किया गया है।
पुलिस ने वर्ष 2020 से दर्ज आठ मामलों का संदर्भ लेते हुए हाल के दो मामलों सहित पुराने मामलों की संयुक्त पृष्ठभूमि तैयार की और उसी आधार पर तड़ीपार करने का प्रस्ताव आगे भेजा है।
पांच दिन में जवाब देना होगा
पुलिस का आरोप है कि साबळे की गतिविधियों के कारण सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ तथा लोगों में भय का माहौल बना। इसी आधार पर उन्हें औरंगाबाद और जालना जिले से दो साल के लिए तड़ीपार करने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
पुलिस उपायुक्त पंकज अतुलकर के निर्देश पर सहायक पुलिस आयुक्त सागर देशमुख ने प्रस्ताव तैयार कर साबळे को कारण बताओ नोटिस जारी की है। नोटिस में उन्हें पांच दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया गया है।
यदि निर्धारित अवधि में साबळे अपना जवाब नहीं देते या उनका जवाब असंतोषजनक पाया जाता है, तो उनके खिलाफ दो साल के तड़ीपार का अंतिम आदेश जारी किया जा सकता है।
फिलहाल मंगेश साबळे के खिलाफ तड़ीपार करने का अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है, बल्कि पुलिस ने प्रस्तावित कार्रवाई से पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी की है।
