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औरंगाबाद: शिक्षकों की BLO ड्यूटी पर बवाल, जिलाधिकारी कार्यालय में सरपंच का हंगामा; आत्मदाह की चेतावनी के बाद गिरफ्तार

औरंगाबाद | प्रतिनिधि 

चुनाव आयोग के कार्य के लिए शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर औरंगाबाद जिला कलेक्टर कार्यालय में उस समय हंगामा मच गया, जब फुलंब्री तहसील के गेवराई पायगा गांव के सरपंच मंगेश साबले ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शिक्षकों को बीएलओ (BLO) की ड्यूटी पर लगाया जाएगा, तो स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाएगा कौन?

जिले में चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। इसके लिए प्रशासन ने कई स्कूलों के 50 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी है। सरपंच मंगेश साबले का आरोप है कि इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की कि शिक्षकों को तत्काल इस कार्य से मुक्त कर अन्य विभागों के कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी जाए।

अपनी मांग को लेकर सरपंच मंगेश साबले जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना देकर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें शांतिपूर्वक ज्ञापन देने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने इसे मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह वहीं आत्मदाह कर लेंगे।

इस दौरान उन्होंने जिला कलेक्टर विनय गोडे को बाहर बुलाने की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की, जिससे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्र हो गए।

घटना की जानकारी मिलते ही फुलंब्री की तहसीलदार योगिता खटावकर भी मौके पर पहुंचीं, लेकिन सरपंच ने उनसे भी तीखे सवाल-जवाब किए। आखिरकार पुलिस ने हस्तक्षेप कर उन्हें जिला कलेक्टर के कक्ष में पहुंचाया। सूत्रों के अनुसार, ज्ञापन सौंपते समय भी उन्होंने जिला कलेक्टर से तीखी भाषा में बात की। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सरपंच मंगेश साबले को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।

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