जालना के एक वार्ड में चार पार्षद, फिर भी विकास कार्य ठप; एड. महेश धन्नावत ने उठाए सवाल, विशेष कार्य दल गठित करने की मांग

जालना | कादरी हुसैन
जालना महानगरपालिका के एक वार्ड से चार पार्षद निर्वाचित होने के बावजूद नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इस मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता महेश धन्नावत ने वार्ड की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
एड. महेश धन्नावत का आरोप है कि एक ही वार्ड में चार पार्षद होने के बावजूद विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। उनके अनुसार पार्षदों के बीच आपसी मतभेद और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति के कारण कोई भी जनहित के कार्यों की पहल नहीं कर रहा है, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि वार्ड में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है, नालियों के ढक्कन खुले और क्षतिग्रस्त पड़े हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा स्कूलों और अस्पतालों के आसपास बड़े पैमाने पर अतिक्रमण होने से नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एड. धन्नावत ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धन का उपयोग किया गया, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद जनहित के विकास कार्यों की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि वार्ड की समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों को जवाबदेह बनाया जाना आवश्यक है।
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा पर्यावरण मंत्री एवं जालना जिले की पालकमंत्री पंकजा मुंडे से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि महानगरपालिका के सभी वार्डों में हुए विकास कार्यों की स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा प्रत्येक वार्ड का निरीक्षण करने के लिए एक स्वतंत्र “विशेष कार्य दल” गठित किया जाए।
एड. धन्नावत ने मांग की कि जिन वार्डों में पार्षद अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असफल रहे हैं, वहां आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें।
इस मुद्दे को लेकर स्थानीय नागरिकों में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो वार्ड की समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं। नागरिकों ने शासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर विकास कार्यों में तेजी लाने की मांग की है।