औरंगाबाद सहित महाराष्ट्र में ATS की बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क पर 150 से अधिक स्थानों पर छापे

औरंगाबाद | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
भारत में आतंकवादी भर्ती और देश की संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने से जुड़े कई गंभीर मामलों में एक कुख्यात पाकिस्तानी गैंगस्टर का नाम सामने आने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। महाराष्ट्र के कुछ युवाओं के सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान के लाहौर स्थित संपर्कों से जुड़े होने की गोपनीय जानकारी मिलने के बाद महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने गुरुवार मध्यरात्रि से राज्यभर में व्यापक छापेमारी अभियान शुरू किया।
पुलिस की स्पेशल सेल ने बुधवार को शहजाद भट्टी से जुड़े दो कथित नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिल्ली और पंजाब से छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद महाराष्ट्र ATS की विशेष टीमों ने मुंबई, ठाणे, कुर्ला, बांद्रा, जोगेश्वरी, नवी मुंबई, मीरा रोड, भाईंदर, सांगली, सातारा, बीड, जालना, धाराशिव और औरंगाबाद सहित राज्यभर के 150 से अधिक संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर व्यापक तलाशी अभियान चलाया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस कार्रवाई का मुख्य फोकस पाकिस्तान के लाहौर निवासी शहजाद भट्टी के डिजिटल नेटवर्क पर है। बताया जा रहा है कि शहजाद भट्टी पहले सोशल मीडिया पर ऑनलाइन कंटेंट के माध्यम से सक्रिय था, जबकि अब वह दुबई से अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क संचालित कर रहा है। उस पर डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर भारतीय युवाओं को पैसों का लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल करने तथा उनमें कट्टरपंथी विचारधारा फैलाकर आतंकवादी गतिविधियों की ओर प्रेरित करने के गंभीर आरोप हैं।
इस राज्यव्यापी अभियान के तहत ATS ने मराठवाड़ा क्षेत्र में 13 महत्वपूर्ण स्थानों पर छापेमारी की। इनमें सबसे अधिक कार्रवाई औरंगाबाद जिले में हुई, जहां से 9 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा जालना से 2, धाराशिव से 1 और बीड से 1 व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि औरंगाबाद के मिसरवाड़ी क्षेत्र से हिरासत में लिए गए एक संदिग्ध की निजी कार कुछ दिन पहले राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट तक गई थी। सुरक्षा एजेंसियों को यह यात्रा संदिग्ध प्रतीत होने पर ATS ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए ATS और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अभी तक इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक लिखित जानकारी जारी नहीं की है। हालांकि, हिरासत में लिए गए सभी संदिग्धों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और अन्य संदिग्ध दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं। इन डिजिटल उपकरणों की साइबर फॉरेंसिक टीम द्वारा गहन जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से देश के खिलाफ रचे गए किसी बड़े षड्यंत्र का खुलासा हो सकता है।