औरंगाबाद में बाबा डॉन के आलीशान बंगले पर क्राइम ब्रांच का छापा, करोड़ों की संदिग्ध नकदी और कीमती सामान मिलने की चर्चा

औरंगाबाद | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
शहर में 1990 के दशक के दौरान अपना दबदबा रखने वाले एक कथित डॉन के आलीशान बंगले पर अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने अत्यंत गोपनीय तरीके से छापेमारी की। मिटमिटा क्षेत्र स्थित इस बंगले पर करीब 21 घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान दो कमरों से करोड़ों रुपये की संदिग्ध बेहिसाबी नकदी मिलने की चर्चा है। नकदी की गिनती के लिए पुलिस को पांच से अधिक करेंसी काउंटिंग मशीनें मंगानी पड़ीं। इस कार्रवाई से पूरे शहर में हलचल मच गई है।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे शुरू हुई और देर रात लगभग 1 बजे तक लगातार जारी रही। अभियान में क्राइम ब्रांच, आर्थिक अपराध शाखा तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम शामिल थी। तलाशी के दौरान दो कमरों से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने की बात सामने आई है, जिसमें अधिकांश 500 रुपये के नोट बताए जा रहे हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण तथा कुछ घातक हथियार भी मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने अब तक इस बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जानकारी के अनुसार, ‘बाबा’ के नाम से पहचान रखने वाले इस कथित डॉन का 1990 के दशक में विशेष रूप से सिटी चौक और मिटमिटा क्षेत्र में काफी प्रभाव था। भूमि सौदों और बड़े आर्थिक लेन-देन में उसकी सक्रिय भूमिका बताई जाती थी। वह विभिन्न संगठनों के पदों पर भी रहा और एक बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका था। पिछले कुछ वर्षों में उसका प्रभाव कम हुआ था, लेकिन उसकी संपत्ति को लेकर चर्चाएं लगातार होती रही थीं।
बताया जा रहा है कि लंबी बीमारी के बाद लगभग एक माह पूर्व उसका निधन हो गया था। उसके निधन के कुछ ही समय बाद पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की। सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई की जानकारी गोपनीय रखने के लिए पूरी योजना अत्यंत गोपनीय तरीके से बनाई गई थी। छापेमारी से पहले 9 जुलाई की मध्यरात्रि को अपराध शाखा ने उसके दो विश्वस्त कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद उनके संपर्क में रहने वाली एक महिला से भी विस्तृत पूछताछ की गई।
पुलिस की ओर से मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है तथा जांच जारी है।
