Breaking NewsJalnaMumbai

SIR प्रक्रिया पर फेडरेशन ऑफ महाराष्ट्र मुस्लिम्स की मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अहम मुलाकात, पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए उठाईं कई महत्वपूर्ण मांगें

जालना | कादरी हुसैन

मुंबई, 10 जुलाई : फेडरेशन ऑफ महाराष्ट्र मुस्लिम्स (FMM) के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर राज्य में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा, SIR की समय-सीमा बढ़ाने, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली लागू करने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि SIR प्रक्रिया शुरू होने के बाद से फेडरेशन ने राज्यभर में जनजागरूकता अभियान और सहायता केंद्र संचालित किए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से स्वयंसेवक नागरिकों को नामांकन (Enumeration) प्रक्रिया में मार्गदर्शन देने के साथ BLOs के साथ समन्वय स्थापित कर रहे हैं। विभिन्न जिलों से प्राप्त शिकायतों और सुझावों के आधार पर यह ज्ञापन तैयार किया गया है।

ज्ञापन में भारी वर्षा, खेती के मौसम, पुनर्विकास परियोजनाओं और विस्थापन जैसी परिस्थितियों का हवाला देते हुए SIR प्रक्रिया की समय-सीमा कम से कम दो माह बढ़ाने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि राज्य में फिलहाल कोई तात्कालिक चुनाव प्रस्तावित नहीं है, इसलिए समय-वृद्धि से अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं को प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

फेडरेशन ने बूथ लेवल अधिकारियों का कार्यभार कम करने के लिए उन्हें अस्थायी रूप से गैर-निर्वाचन कार्यों से मुक्त करने, आवश्यकता अनुसार सहायक BLOs की नियुक्ति, रिफ्रेशर प्रशिक्षण, अद्यतन संपर्क जानकारी सार्वजनिक करने तथा विभिन्न विसंगतियों के समाधान के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी की।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बड़ी संख्या में नागरिक अभी भी SIR प्रक्रिया, अंतिम तिथि और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी से वंचित हैं। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, प्रवासी मजदूर, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इसे देखते हुए बहुभाषीय जनजागरूकता अभियान, सहायता केंद्रों को सशक्त बनाने और मोबाइल सत्यापन इकाइयां शुरू करने का आग्रह किया गया।

ज्ञापन में दस्तावेजों और मैपिंग प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया गया। फेडरेशन ने आवश्यक दस्तावेजों पर स्पष्ट सार्वजनिक दिशा-निर्देश जारी करने, पुराने अभिलेख उपलब्ध न होने पर प्रक्रिया सरल बनाने, EPIC नंबर एवं नाम में वैध परिवर्तनों को स्वीकार करने, स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची का विस्तार करने तथा डुप्लिकेट प्रविष्टियों के संबंध में सभी अधिकारियों के लिए एक समान निर्देश जारी करने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी चिंता जताई कि वर्ष 2024 के चुनाव में मतदान कर चुके कुछ मतदाताओं के नाम अथवा EPIC विवरण वर्तमान प्रक्रिया में उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। ऐसे मतदाताओं को दोबारा पंजीकरण के लिए बाध्य न किया जाए तथा सत्यापन के बाद उनका नाम सरल प्रक्रिया के माध्यम से पुनः मतदाता सूची में शामिल किया जाए।

फेडरेशन ने नोटिस जारी करने, दस्तावेजों की आवश्यकताओं और नाम हटाने की प्रक्रिया पर विस्तृत एसओपी (SOP) प्रकाशित करने, पारदर्शी एवं समयबद्ध शिकायत निवारण प्रणाली विकसित करने, डेटा एंट्री और सत्यापन प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी तथा स्वतंत्र ऑडिट व्यवस्था लागू करने की भी मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि SIR का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना होना चाहिए और किसी भी प्रशासनिक, तकनीकी या प्रक्रियागत त्रुटि के कारण कोई भी नागरिक अपने संवैधानिक मतदान अधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए।

इस अवसर पर भिवंडी के विधायक रईस शेख, मौलाना हाफिज इकबाल चुनावाला, मौलाना ज़हीर अब्बास रिजवी, फरीद शेख, शाकीर शेख तथा अब्दुलमजीब शेख प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ज्ञापन में उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और जनहित व निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए सभी सुझावों पर उचित विचार कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button