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औरंगाबाद से मलेशिया के लिए सीधे विमान सेवा की उम्मीद; अजंता-वेरूळ की वैश्विक पहचान बनी सबसे बड़ी ताकत

औरंगाबाद | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा 

विश्व प्रसिद्ध अजंता और वेरूळ (एलोरा) गुफाओं की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर सराहना की गई है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल दो ऐतिहासिक स्थलों का एक ही शहर में होना औरंगाबाद की सबसे बड़ी विशेषता है। यही शहर की वैश्विक पर्यटन बाजार में सबसे बड़ी पहचान और आकर्षण का केंद्र है। मलेशिया टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड की निदेशक हरयंती अबू बकर ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल भारतीय पर्यटकों को मलेशिया ले जाना नहीं है, बल्कि मलेशिया के पर्यटकों को भी औरंगाबाद आने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने भविष्य में औरंगाबाद से मलेशिया के लिए सीधी विमान सेवा शुरू होने के संकेत भी दिए।

भारतीय पर्यटकों को अधिक से अधिक मलेशिया की ओर आकर्षित करने के लिए ‘विजिट मलेशिया 2026’ अभियान के तहत गुरुवार को औरंगाबाद में आयोजित विशेष रोड शो में हरयंती अबू बकर ने यह बात कही। कार्यक्रम में बैटिक एयर के कंट्री मैनेजर जतिन कपूर, ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI) के दक्षिण महाराष्ट्र चैप्टर के अध्यक्ष मेहबूब शेख, औरंगाबाद चैप्टर के अध्यक्ष मंगेश कपोटे तथा अमित लंके सहित कई पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

हरयंती अबू बकर ने कहा कि मलेशिया का नाम आते ही अधिकांश लोगों के मन में कुआलालंपुर, लंगकावी, मलक्का, जेंटिंग और पेनांग जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल आते हैं, लेकिन इनके अलावा भी वहां अनेक आकर्षक पर्यटन स्थल मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल एकतरफा यात्रा नहीं है। यदि दोनों देशों के बीच पर्यटकों का आदान-प्रदान बढ़ेगा, तभी विमान सेवाएं लंबे समय तक टिकाऊ बनेंगी और उड़ानों की संख्या भी बढ़ेगी। वर्तमान में महाराष्ट्र से बैटिक एयर और मलेशिया एयरलाइंस की सीधी उड़ानें संचालित हो रही हैं और भविष्य में राज्य से और अधिक उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है।

बैटिक एयर के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल एयरलाइन मलेशिया से भारत के पांच शहरों के लिए उड़ानें संचालित कर रही है, जबकि अन्य एयरलाइंस भी कई भारतीय शहरों को सेवा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि औरंगाबाद द्विपक्षीय विमानन समझौते के अंतर्गत आने वाला हवाई अड्डा है, लेकिन फिलहाल भारत-मलेशिया के बीच उपलब्ध द्विपक्षीय सीट क्षमता पूरी तरह उपयोग में है। इस विषय को मलेशिया के संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा ताकि अतिरिक्त सीट क्षमता उपलब्ध कराई जा सके। यदि ऐसा संभव हुआ तो भविष्य में औरंगाबाद जैसे शहर से भी मलेशिया के लिए सीधी विमान सेवा शुरू करने पर विचार किया जा सकेगा।

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