मतदाता सूची पुनरीक्षण का ‘जल्दबाजी वाला फॉर्मूला’ रोका जाए, SIR प्रक्रिया को छह माह बढ़ाने की मांग

औरंगाबाद | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
समाजवादी पार्टी ने राज्यभर में चल रही विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन – SIR) प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे तत्काल कम से कम छह महीने के लिए स्थगित करने अथवा बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद सर्दियों में संचालित करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में जल्दबाजी में चलाई जा रही यह प्रक्रिया लाखों पात्र मतदाताओं को उनके संवैधानिक मतदान अधिकार से वंचित कर सकती है।
इसी मांग को लेकर 10 जुलाई को समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने औरंगाबाद स्थित संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचकर महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार SIR प्रक्रिया महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके लिए निर्धारित समय-सीमा मौजूदा परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। राज्य में भारी बारिश, बाढ़ और कई जिलों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति बनी हुई है। अनेक गांवों का संपर्क टूट चुका है और सड़कें बंद हैं। ऐसे में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के लिए घर-घर जाकर सत्यापन करना लगभग असंभव हो गया है।
समाजवादी पार्टी ने यह भी कहा कि नागरिकों के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रक्रिया पूरी करने हेतु घर से निकलना कठिन हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खरीफ सीजन के कारण किसान खेती के कार्यों में व्यस्त हैं, जबकि कई स्थानों पर इंटरनेट, बिजली और संचार सेवाएं बाधित होने से ऑनलाइन प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
पार्टी ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में भी भारी बारिश, जलभराव और यातायात जाम के कारण नागरिक समय पर आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में यदि प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी की गई तो बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ज्ञापन में कहा गया है कि मतदान का अधिकार प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इसलिए केवल निर्धारित समय-सीमा पूरी करने के बजाय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रत्येक पात्र मतदाता को पर्याप्त अवसर मिले, किसी का नाम अन्यायपूर्वक सूची से न हटे तथा पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समावेशी ढंग से संपन्न हो।
समाजवादी पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखीं। इनमें SIR प्रक्रिया को कम से कम छह महीने का अतिरिक्त समय देना, अन्यथा इसे बारिश के बाद सर्दियों में आयोजित करना, राज्य की वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर संशोधित कार्यक्रम जारी करना, प्रत्येक पात्र मतदाता को दस्तावेज जमा करने के लिए पर्याप्त समय और सुविधाएं उपलब्ध कराना, बाढ़ प्रभावित, दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों के लिए विशेष अभियान चलाना तथा बूथ लेवल अधिकारियों पर बढ़े कार्यभार को कम करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाना शामिल है।
पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि वास्तविक परिस्थितियों की अनदेखी कर जल्दबाजी में प्रक्रिया पूरी की गई तो भविष्य में बड़ी संख्या में दावे, आपत्तियां और शिकायतें सामने आ सकती हैं। इसलिए निर्वाचन आयोग से मांग की गई है कि वह इन मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेकर संशोधित कार्यक्रम घोषित करे, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता का संवैधानिक अधिकार सुरक्षित रह सके।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश सचिव डॉ. शेख अब्दुल रऊफ, प्रदेश महासचिव डॉ. रियाज देशमुख, प्रदेश सचिव अकील शेख, ईसा यासीन, सय्यद ताबीशोद्दीन, एड. शेख गुफरान अहमद, इमरान पठान, अम्मार पठान सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
