मौलाना मोहम्मद अली जौहर एजुकेशन सोसायटी को बड़ी राहत, शिक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट की मंजूरी

सिल्लोड | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
सिल्लोड स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर एजुकेशन सोसायटी को शिक्षक भर्ती मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने 22 जुलाई 2024 को शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिक्षक भर्ती पर रोक लगाने वाले आदेश को रद्द करते हुए संस्था को मुख्याध्यापक और सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया संचालित करने की अनुमति प्रदान की है।
न्यायमूर्ति नितिन बी. सूर्यवंशी और न्यायमूर्ति अभयसाहेब डी. शिंदे की खंडपीठ ने 2 जुलाई 2026 को याचिका क्रमांक 8431/2024 और 8446/2024 पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।
मामले में शिक्षा विभाग ने संस्था के प्रबंधन संबंधी विवाद धर्मादाय आयुक्त के समक्ष लंबित होने के आधार पर भर्ती की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि केवल फेरफार (परिवर्तन) आवेदन लंबित होने के कारण भर्ती प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता।
सुनवाई के दौरान हस्तक्षेपकर्ता ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में रिश्तेदारों को प्राथमिकता दी जा रही है। इस पर न्यायालय ने भर्ती की अनुमति देते हुए शर्त रखी कि पूरी भर्ती प्रक्रिया शिक्षा अधिकारियों की निगरानी और सहभागिता में ही संपन्न कराई जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
इससे पहले भी वर्ष 2024 में इसी संस्था के मामले में हाईकोर्ट ने शिक्षा अधिकारी के आदेश को निरस्त कर नया निर्णय लेने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद संबंधित नियुक्तियों को मंजूरी दी गई थी। अब ताजा आदेश के बाद संस्था में रिक्त मुख्याध्यापक और सहायक शिक्षक पदों पर भर्ती का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से संस्था के अध्यक्ष कैसर आजाद और सचिव शेख मोईन शामिल थे। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वी. डी. सपकाल तथा सहयोगी अधिवक्ता शेख माजीत ने पैरवी की। वहीं राज्य सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता वैशाली चौधरी तथा अन्य प्रतिवादियों की ओर से अधिवक्ता यू. बी. बोंदर और वी. बी. गिरे ने पक्ष रखा।
