औरंगाबाद में वर्दीधारियों की रिश्वतखोरी: मुकुंदवाड़ी पुलिस थाने के दो पुलिसकर्मी 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
औरंगाबाद के मुकुंदवाड़ी पुलिस थाने में एक गंभीर रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। प्राणघातक हमले के एक मामले में मदद करने तथा महिला के बेटे को जेल से बाहर निकालने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए पुलिस थाने के दो कर्मचारियों को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (एसीबी) ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सहायक पुलिस निरीक्षक संजय बहरे तथा अंमलदार सुभाष छगन राठोड शामिल हैं। अदालत ने दोनों को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
विशेष रूप से, करीब तीन महीने पहले, 5 जून को मुकुंदवाड़ी पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक संजय बहरे और अंमलदार गोपाळ खटावकर को भी इसी मामले में आरोपियों से रिश्वत लेते हुए एसीबी ने गिरफ्तार किया था। मुकुंदवाड़ी पुलिस की ओर से अपराधियों को रिश्वत लेकर मदद किए जाने के आरोप लगातार सामने आने से स्थानीय नागरिकों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार, 42 वर्षीय महिला शिकायतकर्ता और उसके दो बेटों पर सिडको चौक में पान की दुकान के पास हुई चाकूबाजी की घटना के बाद रिक्शा चालक पर जानलेवा हमला करने तथा उसे जान से मारने का प्रयास करने के आरोप में मुकुंदवाड़ी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले के जांच अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक प्रशांत पासलकर थे, जबकि सुभाष राठोड उनकी सहायता के लिए काम कर रहे थे।
मामले की जांच में मदद करने तथा शिकायतकर्ता महिला के बेटे को जेल से बाहर निकलने में सहायता करने के लिए पासलकर और राठोड ने 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। महिला रिश्वत देने के लिए तैयार नहीं थी। उसने 7 सितंबर को सीधे एसीबी के पास शिकायत दर्ज कराई। उसी दिन एसीबी ने पुलिस थाने में जाकर शिकायत की प्राथमिक जांच की।
जांच के दौरान पीएसआई पासलकर ने महिला के सामने अंमलदार राठोड के माध्यम से 10 हजार रुपये की मांग की और 5 हजार रुपये खुद स्वीकार करने पर सहमति जताई।
इसके बाद मंगलवार, 8 सितंबर को एसीबी ने मुकुंदवाड़ी पुलिस थाने के परिसर में जाल बिछाया। शिकायतकर्ता के साथ पंचों की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। पीएसआई पासलकर ने 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की, जबकि अंमलदार सुभाष राठोड ने बातचीत के दौरान महिला से 5 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की। इसके बाद एसीबी की टीम ने दोनों को हिरासत में ले लिया।
इस कार्रवाई के बाद मुकुंदवाड़ी पुलिस थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एसीबी की अधीक्षक मधुरी केदार कांगणे के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक संतोष तिगोटे, सिनकर और तोडक के दल ने की।
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
मुकुंदवाड़ी पुलिस थाने में रिश्वतखोरी का यह दूसरा मामला सामने आने से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे पहले 5 जून को सहायक पुलिस निरीक्षक संजय बहरे और अंमलदार गोपाळ अनिलराव खटावकर को 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और 10 हजार रुपये स्वीकार करने के आरोप में एसीबी ने गिरफ्तार किया था। एक सराईत के खिलाफ आई शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने के लिए भी रिश्वत मांगे जाने का आरोप सामने आया था।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों के कारण मुकुंदवाड़ी क्षेत्र के नागरिकों में यह चर्चा है कि पुलिस थाने में रिश्वतखोरी पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा है।
