सूखा समीक्षा बैठक में काजू-बादाम विवाद पर रावसाहेब दानवे की सफाई, बोले—“लोग सामने रखते हैं, हम वही खाते हैं”

जालना/कादरी हुसैन
सूखा समीक्षा बैठक के दौरान काजू-बादाम खाते हुए दिखाई देने के मामले को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने सफाई दी है। जालना बस स्टैंड पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान दानवे ने कहा कि लोग उनके सामने जो कुछ खाने के लिए लाकर रखते हैं, वे वही खाते हैं। उन्होंने कहा कि बाद में उसका वीडियो बनाकर बेवजह उनकी बदनामी की जाती है।
सूखे की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक के दौरान काजू-बादाम परोसे जाने और नेताओं के उन्हें खाते हुए दिखाई देने वाले फोटो और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया था। इसको लेकर पत्रकारों ने दानवे से सवाल किया।
जवाब में दानवे ने कहा, “लोग हमारे सामने कुछ लाकर रखते हैं तो हम उसे खाते हैं। उसका वीडियो बनाकर आप लोग बेवजह हमारी बदनामी करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि जब वे लोगों के घर जाते हैं या उनसे मुलाकात करते हैं, तो लोग अपनी ओर से जो कुछ सामने रखते हैं, उसे वे स्वीकार करते हैं। दानवे ने इसी संदर्भ में वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की।
सूखे की स्थिति को लेकर दानवे ने कहा कि सरकार सूखे की परिस्थितियों पर नजर रख रही है। किसानों और नागरिकों की समस्याओं के साथ-साथ सूखाग्रस्त क्षेत्रों की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है।
दानवे के इस स्पष्टीकरण के बाद सूखा समीक्षा बैठक के दौरान काजू-बादाम खाने का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उनके “लोग सामने लाकर रखते हैं, हम वही खाते हैं” वाले बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
