औरंगाबाद जिले में तीन दिनों में 70 एकड़ गन्ने की फसल जलकर राख, 40 किसानों को भारी नुकसान

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
जिले के पैठण, गंगापुर और वैजापुर तहसीलों में पिछले तीन दिनों के दौरान आग लगने की अलग-अलग घटनाओं में करीब 40 किसानों की लगभग 70 एकड़ गन्ने की फसल जलकर राख हो गई। पहले से ही सूखे की मार झेल रहे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी दीपक गवली ने किसानों से गन्ने की फसल को आग से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
किसानों ने कम पानी में किसी तरह गन्ने की फसल को बचाकर तैयार किया था और अब फसल की कटाई का समय आ गया है। लेकिन इसी दौरान बिजली के तारों में घर्षण, खुले विद्युत ट्रांसफॉर्मर और अन्य कारणों से आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। वर्तमान में गन्ने की कटाई का मौसम चल रहा है, जिसके चलते खेतों में बड़ी मात्रा में गन्ने की सूखी पत्तियां (पाचट) जमा हैं। गर्मी और तेज धूप के कारण आग लगने का खतरा बढ़ गया है।
मंगलवार को पैठण तहसील के नवगांव शिवार में आग लगने से 24 किसानों की करीब 18 हेक्टेयर यानी 44.48 एकड़ गन्ने की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी 30 नवंबर को इसी नवगांव क्षेत्र में आग लगने से लगभग 70 एकड़ गन्ने की फसल जल गई थी।
इसी तरह मंगलवार को गंगापुर तहसील के शिरसगांव शिवार में 13 किसानों की करीब 20 एकड़ गन्ने की फसल आग की चपेट में आ गई। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, खेत की मेड़ पर लगे विद्युत ट्रांसफॉर्मर और नीचे लटक रहे बिजली के तारों में घर्षण होने से आग लगी।
इसके अलावा गुरुवार (29 अक्टूबर) को वैजापुर तहसील के बाबुलगांव शिवार में बिजली के तारों में घर्षण के कारण लगी आग में तीन किसानों की लगभग ढाई एकड़ गन्ने की फसल जलकर नष्ट हो गई।
गन्ने की फसल को आग से बचाने के लिए कृषि विभाग की सलाह
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी दीपक गवली ने किसानों से अपील की है कि वे गन्ने के खेतों की चारों दिशाओं में 8 से 10 फीट चौड़ी पट्टी को सूखी पत्तियों और कचरे से मुक्त रखें। खेतों में कूड़ा-कचरा या सूखी पत्तियां न जलाएं। पाचट जलाने के बजाय उसकी कुट्टी बनाकर खेत में आच्छादन के रूप में इस्तेमाल करें।
उन्होंने यह भी कहा कि बिजली के तारों के नीचे सूखी पत्तियों का ढेर न लगाएं और विद्युत ट्रांसफॉर्मर के आसपास भी पाचट जमा न होने दें।
कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि आग लगने की स्थिति में तुरंत अग्निशमन विभाग और कृषि कार्यालय से संपर्क करें, ताकि समय रहते नुकसान को कम किया जा सके।